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पुणे में खौफनाक घटना! मॉर्निंग वॉक पर गई बुजुर्ग महिला मिली खून से लथपथ, अस्पताल ले जाते वक्त तोड़ा दम

deltin33 2026-1-25 18:27:19 views 748
  



अमरजीत सिंह, पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में दशकों से सुबह की सैर करती आ रही एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुई। शनिवार, 24 जनवरी की सुबह पाषाण रोड-पंचवटी-NCL स्ट्रेच पर एक अनजान गाड़ी ने कथित तौर पर उन्हें टक्कर मार दी और अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस फिलहाल इसे हिट एंड रन का केस मान रही है।

बुजुर्ग महिला की पहचान 73 सला की आशा विजयकुमार पाटिल के रूप में हुई है। आशा पाटिल के बेटे अतुल पाटिल ने बताया कि उनकी मां का डेली रूटीन लगभग घड़ी की तरह फिक्स था।
आशा के बेटे ने क्या बताया?

उन्होंने कहा, “पिछले 10 सालों से मेरी मां हर सुबह करीब 5.30 बजे घर से निकलती थीं और 6.30 बजे तक या ज्यादा से ज्यादा 6.45 बजे तक घर लौट आती थीं। कभी-कभी वह दोस्तों के साथ टहलती थीं, कभी अकेले। 24 जनवरी को बदकिस्मती से वह अकेले गईं।“

पाटिल ने बताया कि आशा रोजाना पंचवटी, नेशनल केमिकल लेबोरेटरी (NCL) इलाके और पाषाण रोड पर टहलती थीं। उन्होंने आगे कहा, “हालांकि वह एक हाउसवाइफ थीं, लेकिन वह सामाजिक तौर पर बहुत एक्टिव थीं और अपने दयालु स्वभाव के लिए जानी जाती थीं। वह कम्युनिटी में बहुत अच्छी तरह से जुड़ी हुई थीं।“
घर नहीं लौटने पर शुरु हुई खोजबीन

जब आशा सुबह 7 बजे के बाद भी घर नहीं लौटीं तो उनके पति विजय पाटिल उन्हें ढूंढने के लिए रोज की घूमने वाली जगहों पर गए, लेकिन वह नहीं मिलीं। परेशान होकर परिवार ने एक रिश्तेदार अरुण तलेले से संपर्क किया।

अतुल ने बताया, “उस समय अरुण ने हमें बताया कि WhatsApp ग्रुप्स पर मैसेज सर्कुलेट होने लगे थे कि यूनिवर्सिटी-पाषाण रोड पर, एनसीएल के पास आसरा मंदिर के सामने एक बुजुर्ग महिला का एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें ससून जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया है।“

सुबह करीब 8.30 बजे तक एक्सीडेंट की खबर मॉर्निंग वॉक करने वालों और निवासियों के कई WhatsApp ग्रुप में फैल गई थी और कई लोग आशा के बारे में पूछताछ करने के लिए परिवार को फोन करने लगे।

अतुल ने कहा, “जब अरुण ने हमें वह तस्वीर दिखाई जो सर्कुलेट हो रही थी तो हमने तुरंत पहचान लिया कि वह मेरी मां हैं। मैं और मेरे पिताजी तुरंत ससून हॉस्पिटल गए।“
रास्ते में ही हो गई महिला की मौत

ससून अस्पताल के डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि महिला को 108 एम्बुलेंस से इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी चोटों की वजह से मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल ने चतुर्शिंगी पुलिस स्टेशन को इसकी जानकारी दी।
पोस्टमार्टम क्या निकला?

मौत की शुरुआती संभावित वजह कई चोटें बताई गई। भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 106(1), 281, 134(A), 184, 119 और 177 के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई है।
परिवार ने हमले का लगाया आरोप

अतुल पाटिल ने बताया कि मेरी मां को टक्कर लगने के बाद कुछ साइकिल सवारों और भले लोगों ने उनकी देखभाल की और एक तो उनके साथ ससून हॉस्पिटल तक गया। उन्होंने बताया कि राहगीरों और साइकिल चलाने वालों ने पुलिस को अलर्ट किया और एम्बुलेंस को बुलाया।

अतुल ने कहा कि मेरी मां को सुबह करीब 5:55 बजे टक्कर लगी थी, लेकिन जो लोग टक्कर लगने के बाद मेरी मां की देखभाल कर रहे थे उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस करीब 6:23 बजे आई और पुलिस करीब 6:29 बजे आई। एम्बुलेंस उन्हें ससून हॉस्पिटल ले गई। पाटिल ने कहा, “मैंने 24 जनवरी को रात करीब 9.30 बजे औपचारिक रूप से FIR दर्ज कराई।“

उन्होंने कहा, “मौके पर टायर के स्किड के निशान नहीं थे। आम तौर पर अगर ड्राइवर को पता चलता है कि कोई आगे है तो ब्रेक लगाने या धीमा करने के निशान होते हैं। इस मामले में ऐसा लगता है कि गाड़ी ने उसे लापरवाही से टक्कर मारी। बाद में पुलिस को मौके पर खून मिला।“
पुलिस का क्या कहना है?

चतुर्शिंगी पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर और इस मामले के इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर अमोल धास ने बताया, “परिवार वालों ने जो रास्ते बताए हैं, उनके हिसाब से हमें लगता है कि वह सड़क पार कर रही होगी, तभी किसी अनजान गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। जिस अंदरूनी गली में यह घटना हुई, वहां कोई कैमरा नहीं है। हम गाड़ी का पता लगाने के लिए आस-पास की मुख्य सड़कों और चौराहों के फुटेज चेक कर रहे हैं। जांच जारी है और हम आरोपी की पहचान करके उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे हैं।“

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