करखियांव एग्रो पार्क में मिनरल वाटर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से निकल रहा बोतल बंद पानी। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। छोटी सी उम्र में भी अपने पैरों पर खड़े हो जाते हैं। जिम्मेदारियों हो सर पर तो बच्चे भी बड़े जो जाते हैं..। कुछ ऐसा ही 24 वर्षीय आदित्य गुप्ता के साथ भी हुआ। कहते हैं कि घर में माहाैल था, बिजनेस का। पापा (उद्यमी मनोज गुप्ता) को दिन रात इस क्षेत्र में पसीने बहाते देखा था, इसलिए एक कोने में पापा की मदद और बिजनेस में कुछ अच्छा करने को ठान ली थी।
इंटर के बाद दिल्ली से बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 2019 में इस क्षेत्र में उतर गया। छोटी- छोटी मुश्किलें आई, कर्ज के लिए बैंक की दौड़ भी लगानी पड़ी किंतु मंजिल मिली। करखियांव एग्रो पार्क में पांच करोड़ की लागत से मिनरल वाटर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की नींव पड़ी।
वर्ष 2024 में इस प्लांट से कायो ब्रांड से शुद्ध पेयजल बाजार में लांच हुआ, अब काशी का और भरोसे का यह ब्रांड बन गया है। प्रारंभिक दौर में 12 से 14 हजार पेटी प्रतिमाह (एक पेटी में 12 लीटर) उत्पादन होता था अब लगभग चार लाख पेटी प्रतिमाह बाजार में जा रहा है। नेचुरल मिनरल वाटर, एल्कलाइन वाटर, मिनरल वाटर और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की सप्लाई हो रही है।
करखियांव एग्रो पार्क में मिनरल वाटर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट। जागरण
आदित्य कहते हैं कि बाजार में तमाम ब्रांड के बोतल बंद पानी आपको मिल जाएंगे। लेकिन हमारे प्लांट में अत्याधुनिक केमिकल, माइक्रोबायोलाजी लैब उपलब्ध है। पानी की डेटवाइज और बैच वाइज जांच होती है। मार्केट में भेजने से पहले टेस्ट किया जाता है। मानक पर खरा नहीं उतरा तो तत्काल कैंसिल हो जाता है।
उपभोक्ता का विश्वास ही इस कारोबार की पूंजी है। हम इसको जीतने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी का नतीजा है कि आज पंच सितारा होटल, माल से लेकर बाजार के सभी छोटे बड़े दुकानों पर इस ब्रांड को आप देख सकते हैं। इस प्लांट में 100 लोगों से अधिक की टीम काम कर रही है।
प्लांट का विस्तार और युवाओं को अधिक संख्या में रोजगार देना लक्ष्य
आदित्य कहते हैं कि भविष्य में इस प्लांट के विस्तार का प्लान है। रामनगर के साथ ही पटना बिहार में भी एक प्लांट स्थापना की तैयारी है। उम्मीद है कि धरा पर यह मूर्तरूप लिया तो सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही हम देसी ब्रांड के पेयजल भी बाजार में उतारने की तैयारी है।
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गैर मानक के प्लांट कारोबार के लिए चुनौती, सख्ती जरूरी
आदित्य कहते हैं कि बाजार में मौजूद असंगठित और गैर मानक छोटे प्लांट्स है। यह बाजार से बाेतल क्रय करते हैं और पानी जांच के बिना हैंड फिलिंग करते हैं। बाजार में उतार कर लोगों को पानी की जगह जहर परोस रहे हैं और काशी की मान सम्मान को भी दागदार कर रहे हैं। प्रशासन को इस दिशा में सख्ती करनी चाहिए।
युवाओं के लिए उद्यम में मौका, माहौल भी अच्छा
सरकार उद्यम स्थापना में बहुत मदद कर रही है। तमाम योजनाएं संचालित हैं। यूपी में निवेश का अच्छा मौका है। इन्फास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है। कानून व्यवस्था ठीक है। युवाओं को इस क्षेत्र में उतरना चाहिए लेकिन रोडमैप पहले तैयार कर लें। बाजार में पैसा है तो चुनौतियां भी हैं। जुनून है तो जीत पक्की है। |
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