IC-814 हाईजैक जब आतंकियों ने कब्र खुदवाकर शव मांग लिया (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 24 दिसंबर 1999 का दिन भारत कभी नहीं भूल सकता। इसी दिन इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था। यह विमान काठमांडू से दिल्ली आ रहा था। विमान में 191 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे।
हाईजैक के बाद यात्रियों को 7 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इन सात दिनों में आतंकियों ने भारत सरकार के सामने कई चौंकाने वाली मांगें रखीं, जिनमें से एक मांग थी एक आतंकी की कब्र खुदवाकर उसका शव सौंपना।
कंधार हाईजैक में क्या हुआ था?
हाईजैक के बाद आतंकियों ने विमान को अफगानिस्तान के कंधार ले जाकर खड़ा कर दिया। वहां सभी यात्रियों को बंधक बना लिया गया। 27 दिसंबर 1999 को भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए कंधार पहुंचा। आतंकियों ने अपनी मांगें लिखकर दीं और कहा कि शर्तें पूरी होने पर ही यात्रियों को छोड़ा जाएगा।
आतंकियों की मुख्य मांगें क्या थीं
- 36 आतंकियों की रिहाई
- 200 मिलियन डॉलर (करीब 860 करोड़ रुपये)
- सज्जाद अफगानी का शव लौटाने की मांग
किसकी कब्र खुदवाना चाहते थे आतंकी?
आतंकियों की मांग थी कि सज्जाद अफगानी की कब्र खुदवाकर उसका शव उन्हें सौंपा जाए। सज्जाद अफगानी आतंकी संगठन हरकत-उल-अंसार का बड़ा कमांडर था। उसने 1991 में जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की योजना बनाई थी।
सज्जाद अफगानी को 1994 में मसूद अजहर के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसे जम्मू की हाई सिक्योरिटी भलवाल जेल में रखा गया था। 15 जुलाई 1999 को वह जेल से भागने की कोशिश कर रहा था, तभी सुरक्षा बलों की गोली से उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसका शव भारत में ही दफना दिया गया।
क्या भारत ने शव लौटाया था?
31 दिसंबर 1999 को सात दिन की कड़ी बातचीत के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया। आतंकियों की यह मांग सिर्फ डर और दबाव बनाने की रणनीति थी। लेकिन भारत सरकार ने सज्जाद अफगानी का शव लौटाने से साफ इनकार कर दिया। सरकार ने इस्लाम के धार्मिक नियमों का हवाला दिया, जिनके अनुसार कब्र से शव निकालना सही नहीं माना जाता।
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