cy520520 • 2026-1-5 17:56:40 • views 1231
पोइया घाट पर नाविक नागरिकों को यमुना की सैर कराते हुए।
जागरण संवाददाता, आगरा। मुगल काल में आगरा को यमुना किनारा स्थित बागों और हवेलियों के लिए जाना जाता था। व्यापार का सुरक्षित मार्ग यमुना हुआ करती थी। ब्रिटिश काल तक नौकाओं से व्यापार होता रहा। रिवरफ्रंट डवलपमेंट और यमुना में नौकायन शहर के पर्यटन में नए आयाम जोड़ सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने यमुना में विरासत-आधारित नौकायन की मांग उठाई है। इससे शहर को नया, शांत और हरित पर्यटन आयाम मिलेगा। दयालबाग के पोइया घाट पर मोटर बोट से नौका विहार कराया जा रहा है। इसे सुव्यवस्थित और नियंत्रित ढंग से आगे बढ़ाकर शहरवासियों के साथ ही पर्यटकों के लिए नया आकर्षण विकसित किया जा सकता है।
बाबा बालकनाथ निषाद कहते हैं कि दो वर्ष से वह पोइया घाट पर मोटर बोट से नौकायन करा रहे हैं। गर्मियों में सुबह और शाम को अधिक लोग आते हैं। सर्दियों में ठंड की वजह से लोग कम रहते हैंं। दयालबाग से हाथी घाट तक यमुना में नौकायन करते हुए आने-जाने में करीब चार घंटे का समय लगता है।
इस मार्ग में जसवंत सिंह की छतरी, रामबाग, एत्माद्दौला, चीनी का राेजा समेत कई अन्य स्मारक हैं। नदी से यह बहुत खूबसूरत नजर आते हैं। अधिवक्ता केसी जैन कहते हैं कि यमुना आगरा की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पहचान की धुरी है। स्वच्छ, नियंत्रित और विरासत-संवेदनशील नौकायन शहर के पर्यटन को नया आयाम दे सकता है। इससे नाविकों को भी सम्मानजनक आजीविका प्राप्त होगी।
ताजमहल के पीछे यमुना में सीमित व नियंत्रित नौकायन की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे पर्यटक ताजमहल को नदी के शांत, प्राकृतिक व ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देख सकेंगे। अत्यधिक गर्मी व बाढ़ को छोड़कर वर्ष में आठ से नौ माह तक नौकायन कराया जा सकता है।
यह किया जाए
- सुंदर, सुरक्षित और स्वच्छ डिजाइन की नौकाएं।
- समय व स्लाॅट आधारित नौकायन प्रणाली।
- ऐतहासिक स्थलों की जानकारी देने को संक्षिप्त आडियो गाइड।
- नाव में दूरबीन की सुविधा हो, जिससे यात्री स्मारकों को स्पष्ट रूप से देख सकें।
- पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा मानकों और नदी की मर्यादा का पूर्ण पालन किया जाए।
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