वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सगंठन को जमीनी स्तर के मजबूत करने के प्रयास में लगी कांग्रेस को पहले ही दिन बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सिद्दीकी के इस्तीफा देने की सूचना पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय इस मामले में उनसे बातचीत करने उनके घर जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में मायावती की सरकार में सबसे ताकतवर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को अचानक कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। नसीमुद्दीन सिद्दीकी को कांग्रेस में पश्चिमी क्षेत्र के प्रांतीय अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया था।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी को कांग्रेस मुस्लिम चेहरे के तौर पर आगे बढ़ा रही थी। उनके इस कदम से क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल मच गई है। नसीमुद्दीन ने स्पष्ट किया कि जिस उद्देश्य के लिए वह पार्टी में आए थे, वह पूरा नहीं हो पा रहा। उनके इस कदम से क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल मच गई है।
लंबे समय तक बसपा और कांग्रेस में सक्रिय रहे नसीमुद्दीन ने अपने अनुभव के बल पर राज्य में अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई। सिद्दीकी 2018 में बसपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस ने उनको पश्चिमी यूपी में प्रांतीय अध्यक्ष का पद दिया था। सिद्दीकी के साथ करीब 72 अन्य दिग्गज नेताओं ने भी कांग्रेस को अलविदा कहा है, जिनमें लगभग दो दर्जन पूर्व विधायक हैं। सिद्दीकी ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी के भीतर वैचारिक घुटन और जनता की लड़ाई न लड़ पाने की बात कही है। |
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