सरकार i-RAD पोर्टल और ई-चालान जैसी तकनीक का उपयोग कर रही है, लेकिन जनता की भागीदारी भी आवश्यक है।
दिनेश महाजन, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसे एक गंभीर जन सुरक्षा संकट का रूप ले चुके हैं। हालात इतने भयावह हैं कि प्रदेश में हर दिन औसतन तीन लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जून 2022 से 2025 तक प्रदेश में 20,135 सड़क हादसे हुए, जिनमें 3,688 लोगों की मौत हुई, जबकि 29,131 लोग घायल हुए।
चिंताजनक तथ्य यह है कि अधिकांश दुर्घटनाएं दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे के बीच हुईं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन हादसों के पीछे तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग और यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण रहे।
पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के दावों के बावजूद सड़क हादसों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।
वर्ष 2025 में 1528 वाहन जब्त, 1,641 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित
परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2024 में 40,197 और 2025 में 52,543 चालान काटे गए। इनसे तहत 10.15 करोड़ और 15.88 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। वर्ष 2025 में ही 1,528 वाहन जब्त किए गए, 1,641 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित हुए और 10,439 वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया।
प्रदेश के मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुझाए गए सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि आई-आरएडी पोर्टल के संचालन से सड़क दुर्घटनाओं का डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान आसान हुई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत कड़े दंड, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन फिटनेस प्रमाणपत्रों की कंप्यूटरीकृत व्यवस्था तथा ई-डार प्लेटफार्म के माध्यम से दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर एक लाख किलोमीटर से अधिक सड़क सुरक्षा आडिट पूरे किए जा चुके हैं।
तकनीकी निगरानी-ई चालान से यातायात नियमों के पालन में सुधार
आईजीपी ट्रैफिक मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि तकनीक आधारित निगरानी और ई-चालान व्यवस्था से यातायात नियमों के पालन में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जम्मू और श्रीनगर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और इंटेलिजेंट लाइट ट्रैफिक सिस्टम के तहत कैमरों से निगरानी की जा रही है।
वर्ष 2023 से 2025 के बीच करीब 42 लाख ई-चालान किए गए, जिनसे 350 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। केवल 2025 में ही 15,947 वाहन विभिन्न उल्लंघनों में जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है।
जब तक आम लोग स्वयं यातायात नियमों का पालन नहीं करेंगे, तब तक हादसों में कमी लाना संभव नहीं होगा। हर नागरिक को यह समझना होगा कि थोड़ी सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है। |