ऑपरेशन करते हुए डॉक्टर (प्रतीकात्मक फोटो- सोशल मीडिया)
जागरण संवाददाता, जालंधर। पटेल अस्पताल के डॉक्टरों ने जटिल और दुर्लभ दिमाग की सर्जरी सफलतापूर्वक कर नवांशहर की 42 साल की महिला मरीज की बोलने और समझने की शक्ति को पूरी तरह से सुरक्षित किया। न्यूरो और स्पाइन सर्जन डॉ. मनबचन सिंह ने बताया कि मरीज के दिमाग में ट्यूमर था, जो उस हिस्से में था जिससे इंसान बोलता और भाषा समझता है। अगर इस जगह को थोड़ा भी नुकसान पहुंचता, तो मरीज हमेशा के लिए बोलने की शक्ति खो सकता था।
मरीज ऑपरेशन के दौरान जागता रहता है
अगर यह ऑपरेशन मरीज को पूरी तरह बेहोश करके किया जाता, तो सर्जरी के दौरान यह पता नहीं चल पाता कि मरीज ठीक से बोल पा रही है या नहीं। इससे बोलने की शक्ति जाने का खतरा बहुत ज्यादा था। इस खतरे को कम करने के लिए टीम ने अवेक ब्रेन सर्जरी की। इसमें मरीज ऑपरेशन के दौरान जागती रहती है और डॉक्टरों से बात करती रहती है। इससे डॉक्टरों को तुरंत पता चलता रहता है कि दिमाग सही काम कर रहा है या नहीं।
डॉक्टरों से बात करती रही महिला
ऑपरेशन सफल बनाने के लिए एनेस्थीसिया के डॉ. यासिर रजक और डॉ. सौरव भाटेजा ने सहयोग दिया। न्यूरोनेविगेशन सिस्टम की मदद से डॉक्टरों ने ट्यूमर की बिल्कुल सही जगह पहचानी। इससे बहुत छोटे कट के जरिए ट्यूमर निकाला गया और दिमाग के बाकी हिस्सों को नुकसान नहीं हुआ।
सीयूएसए मशीन से ट्यूमर को धीरे-धीरे हटाया गया ताकि बोलने से जुड़ी नसें सुरक्षित रहें। आपरेशन के दौरान मरीज डॉक्टरों के सवालों के जवाब देती रही और उसने हनुमान चालीसा भी पढ़ी, जिससे डॉक्टरों को यकीन होता रहा कि उसकी बोलने की शक्ति सही है। |
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