दलहन मिशन के तहत प्रशिक्ष प्राप्त करने भोपाल जाने वाले धनबाद के किसान।
रविशंकर सिंह, जागरण, धनबाद। धनबाद से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के दलहन मिशन के तहत प्रशिक्षण के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल भेजे गए किसानों ने प्रशिक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का आरोप है कि एक दिन औपचारिक प्रशिक्षण कराने के बाद उन्हें टूर प्रोग्राम में लगा दिया गया, जिससे प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य ही भटक गया है।
जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित 48 किसानों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण-सह-भ्रमण कार्यक्रम के तहत भोपाल भेजा गया था। कार्यक्रम के तहत 21 जनवरी से प्रशिक्षण शुरू हुआ। किसानों को भोपाल के केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान एवं भारतीय मृदा अनुसंधान संस्थान में नई खेती की पद्धतियों, उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, मिट्टी प्रबंधन, आधुनिक कृषि यंत्रों और दलहन उत्पादन से जुड़ी जानकारी दी जानी थी।
लेकिन एक दिन के चंद घंटे प्रशिक्षण के बाद अधिकतर किसानों को उज्जैन भेज दिया गया। जबकि आधा दर्जन किसान भोपाल में ही रह गए। भोपाल में रह गए किसानों को अब न तो खाने पीने की व्यवस्था मिली न ही रहने की। यह स्थिति तब है जब डीसी स्तर से 19 जनवरी को हरी झंडी दिखाकर किसानों को रवाना किया गया था और इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया था।
लेकिन भोपाल पहुंचे किसानों का कहना है कि एक दिन की औपचारिक जानकारी के बाद प्रशिक्षण लगभग ठप हो गया। करीब आधा दर्जन किसान ऐसे हैं, जो हास्टल में ठहरे हैं और वहां खाने-पीने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। किसानों का कहना है कि वे सीखने की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन उन्हें प्रशिक्षण की जगह घुमाया जा रहा है। शेष किसानों को उज्जैन टूर पर ले जाया गया है।
प्रसेनजीत मंडल, आकाश कुम्भकार, खालिद सैफुल्लाह, ताजुद्दीन अंसारी और मुजाहिद अंसारी ने बताया कि प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इन्होंने बताया कि शिकायत के बाद प्रशिक्षण के लिए भोपाल ले गई संस्था के प्रतिनिधि उनलोगों पर दबाव बना रहे हैं कि शिकायत नहीं करें।
किसानों का आरोप है कि जब प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी राशि खर्च की जा रही है तो उसका लाभ वास्तविक प्रशिक्षण में दिखना चाहिए। पर्यटन से न तो खेती की तकनीक सीखी जा सकती है और न ही दलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य पूरा होगा।
किसानों ने प्रशिक्षण में खानापूरी का लगाया आरोप
धनबाद से किसानों को भोपाल रवाना करने के समय उपायुक्त आदित्य रंजन, जिला कृषि अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने किसानों को बेहतर नस्ल, आधुनिक तकनीक और प्रबंधन की जानकारी देने की बात कही थी।
लेकिन भोपाल पहुंचे किसान अब ठगा महसूस कर रहे हैं। किसानों ने मांग की है कि पूरे कार्यक्रम की जांच हो और शेष दिनों में वास्तविक, व्यवहारिक प्रशिक्षण सुनिश्चित कराया जाए, ताकि योजना का उद्देश्य सार्थक हो सके।
प्रशिक्षण के दौरान जिस संस्थान में ट्रेनिंग लेना है, वहां किसानों का रहना अनिवार्य है। अगर प्रशिक्षण की बजाए उनको घुमाने भेजा गया है तो इसके बारे में पूछताछ करेंगे। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई करेंगे।-आदित्य रंजन, उपायुक्त, धनबाद
किसान परिभ्रमण कार्यक्रम पर गए हैं। हो सकता है कि उज्जैन में भी कुछ देखना हो। जिस संस्था को किसानों को परिभ्रमण कराने की जिम्मेवारी दी गई है। उनसे इस संबंध में बात करेंगे। वैसे किसानों को रोज ट्रेनिंग की रिपोर्ट देनी है। ट्रेनिंग के प्रमुख बिंदुओं को भी रिपोर्ट में शामिल करना है।-अभिषेक मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी |
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