जागरण टीम, लखनऊ। नगराम के कुबहरा गांव में सरसों के खेत में मिला कंकाल गांव की ही रहने वाली 30 वर्षीय पूनम का था। उसकी हत्या पड़ोसी आशीष ने की थी और शव ठिकाने लगाने के इरादे से खेत में फेंका था।
पुलिस ने कंकाल के पास मिली साड़ी, और गहनों की मदद से शव की शिनाख्त कराई। इसके बाद महिला की काल डिटेल्स के आधार पर आरोपित से पूछताछ कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित रिश्ते में पूनम का भतीजा था।
अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिण आर वसंत कुमार ने बताया कि सात जनवरी को कुबहरा गांव में सरसों के खेत में एक कंगाल मिला था। इसके पास ही एक साड़ी मिली थी। गांव के ही रहने वाले पीतांबर ने शव अपनी पत्नी पूनम का होने की आशंका जताई।
छानबीन में पता चला कि पूनम 12 दिसंबर 2025 से अपने घर से लापता थी। परिवारजन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की गई। महिला की काल डिटेल निकलवाने पर पता चला की मोबाइल फोन पर उसकी बातचीत पड़ोसी आशीष कुमार से होती थी। इसके आधार पर आशीष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
आशीष ने पहले तो टरकाने क प्रयास किया लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आशीष ने बताया कि वह पूनम की बड़ी बहन की बेटी से शादी करना चाहता था। पूनम ने शादी कराने की बात भी कही थी। घटना से कुछ दिन पहले पूनम ने शादी कराने से मना कर दिया।
इसी से नाराज होकर 12 दिसंबर को आशीष ने पूनम के गांव के ही हंसराज के बाग में मिलने बुलाया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद काम पर चला गया। शाम को लौटा तो पूनम की खोजबीन चल रही थी। पकड़े जाने के डर से उसने शव को सरसों के खेत में फेंक दिया। आरोपित ने पहचान छिपाने के लिए पूनम की माला, एक जोड़ी पायल उतार ली थी। निशानदेही पर पुलिस ने माला और पायल भी भी बरामद की है।
निर्दोष को जेल जाने से बचाया
कंकाल मिलने के बाद पूनम के परिवारजन ने उसके पति पीतांबर पर हत्या का आरोप लगाया था। कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया था। पुलिस की जांच में पीतांबर की भूमिका नहीं स्पष्ट हुई। पुलिस ने निर्दोष को जेल जाने से बचा लिया। |
|