धर्मशाला कॉलेज छात्रा मौत मामले में जल्द पर्दा उठेगा।
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज की छात्रा के मौत मामले में जल्द ही पर्दा उठेगा। जांच में सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक कांगड़ा के कार्यालय पहुंच गई है। पुलिस अधिकारी इसके विश्लेषण में जुट गए हैं और इसे साक्ष्य के रूप में न्यायालय में पेश किया जाएगा।
7 अस्पतालों में हुआ था उपचार
मृतक छात्रा का उपचार जिला कांगड़ा व अन्य राज्यों के सात अस्पतालों में हुआ था। इन अस्पतालों से उपचार का रिकार्ड पुलिस ने लिया था और जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन का आग्रह डाक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा से किया था।
दो मनोचिकित्सकों ने भी जांचे दस्तावेज
मेडिकल बोर्ड में टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के चार व एम्स बिलासपुर का एक चिकित्सक था और इन्होंने ही रिपोर्ट तैयार की है। दो मनोचिकित्सकों, एक मेडिसन व दो अन्य विभागों के चिकित्सकों ने उपचार से संबंधित दस्तावेजों को जांचा है। आठ जनवरी को मेडिकल बोर्ड का गठन किया था।
डीआइजी सौम्या सांबशिवन ने भी टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के प्रबंधकों से मिलकर रिपोर्ट जल्द तैयार करने का आग्रह किया था।
अलग-अलग अस्पतालों में हुए उपचार के दस्तावेज प्राप्त हुए थे और इनकी जांच मेडिकल बोर्ड के पांच चिकित्सकों ने की है। सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट पुलिस को भेज दी है। रिपोर्ट को गोपनीय रखा है। इसके बारे में जांच करने वाले चिकित्सक ही जानते हैं।
डा. मिलाप शर्मा, प्राचार्य टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल
टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल से मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आ गई है और इसका विश्लेषण किया जा रहा है। मामले की तफ्तीश जारी है। पुलिस काफी समय से रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी।
अशोक रत्न, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा।
छात्रा के पिता ने उठाए सवाल
मृतक छात्रा के पिता का कहना है कि सब कुछ गोलमोल किया जा रहा है। मेरी बेटी के साथ अन्याय हुआ है। कालेज में रैगिंग हुई है। एक छात्रा ने इंटरनेट मीडिया में प्रसारित वीडियो में भी यह बात कही है। अब सब कुछ दबाया जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय की टीम की रिपोर्ट में भी आरोपित सहायक प्राध्यापक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं सिर्फ इतना कहता हूं कि बेटी के साथ गलत हुआ है व न्याय मिलना चाहिए।
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