गूगल इंडिया ने भारतीय AI स्टार्टअप्स की मदद के लिए एक नया प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका नाम ‘Google Market Access Programme’ है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य छोटे-बड़े AI स्टार्टअप्स को बड़ी कंपनियों (एंटरप्राइज) तक पहुंचने में मदद करना है ताकि उनके बनाए प्रोडक्ट ज्यादा लोग और कंपनियां इस्तेमाल कर सकें। इस पहल के तहत गूगल स्टार्टअप्स को तकनीकी मदद देगा और उन्हें अपने ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे वे भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अपने प्रोडक्ट बेच सकें। गूगल का कहना है कि भारत में AI का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है और साल 2030 तक इसकी कीमत लगभग 126 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

इस प्रोग्राम में शामिल होने वाले भारतीय AI स्टार्टअप्स को गूगल के सबसे नए और स्मार्ट AI मॉडल्स इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। इसमें Gemini मॉडल्स शामिल हैं, जो मुश्किल सोच-विचार वाले काम करने में मदद करते हैं और Gemma मॉडल्स, जो रिसर्च और नए आइडियाज के लिए यूज होते हैं। गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने नई दिल्ली में Google AI Startups Conclave में कहा कि भारत के AI स्टार्टअप्स अब एक नए और महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि अब स्टार्टअप्स को सिर्फ नए प्रोटोटाइप बनाने तक नहीं रुकना चाहिए बल्कि बड़ा बिजनेस मॉडल बनाकर दुनिया में अपनी पहचान बनानी चाहिए।
मई 2025 में गूगल ने AI Futures Fund शुरू किया था, जिसके जरिए दुनियाभर के AI स्टार्टअप्स में निवेश किया जा रहा है और उनके साथ काम भी किया जा रहा है। इसके बाद गूगल ने Accel नाम की वेंचर कैपिटल कंपनी के साथ मिलकर शुरुआती स्टार्टअप्स में 2 मिलियन डॉलर तक निवेश करने का भी प्लान बनाया। भारत अब AI का बड़ा यूजर मार्केट बन गया है लेकिन अमेरिका और चीन की तुलना में भारत AI मॉडल बनाने में थोड़ा पीछे है। इसके बावजूद गूगल और Inc42 की रिपोर्ट ‘Bharat AI Startups Report 2026’ के अनुसार, भारत की 47% से ज्यादा कंपनियां अपने AI प्रोजेक्ट्स को सिर्फ टेस्ट करने तक नहीं छोड़कर उन्हें असली काम में इस्तेमाल कर रही हैं।
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