पूछताछ करते पुलिस और वन विभाग के अधिकारी
जागरण संवाददाता, बदायूं। रविवार रात बितरोई गांव में किसी जानवर ने बाड़े में घुसकर छह भेड़ों को मार डाला और 15 भेड़ों को गंभीर से घायल कर दिया। भेड़ों की आवाज सुनकर पशुपालक दौड़ा, तब तक जानवर भाग गया। उसे यह पता नहीं चला कि किस जानवर ने उसकी भेड़ों पर हमला बोला। सुबह इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम भी पहुंची और मामले की छानबीन भी की। टीम में शामिल अधिकारियों का कहना है कि यह किसी जंगली जानवर का काम है।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बितरोई निवासी सचिन पाल भेड़ पालक हैं। उनके पास कुल 61 भेड़ थीं। उनका कहना है कि वह रविवार शाम अपनी भेड़ चराकर लाए थे और अपने घर के नजदीक ही बाड़े में सभी को बंद कर दिया और खाना खाकर अपने घर में सो गए। रात करीब 11:30 बजे अचानक उन्होंने भेड़ों की आवाज सुनी तो वह हैरान रह गए। वह तुरंत दौड़कर बाड़े में पहुंचे।
वहां देखा तो एक जानवर कूदकर भाग रहा था। अंधेरे में यह भी दिखाई नहीं दिया कि कौन सा जानवर था। उनके बाड़े में भेड़ें घायल अवस्था में इधर-उधर पड़ी थीं। जब उन्होंने अपनी भेड़ों को गंभीरता से देखा तो उनमें छह भेड़ों की मृत्यु हो चुकी थी। उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य लोग आ गए। तुरंत रोशनी का इंतजाम किया।
सभी भेड़ों को देखा तो पता चला कि 15 भेड़ घायल हैं। बाद में उन्होंने जानवर को भी तलाश किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसको लेकर गांव में खलबली मच गई। सुबह इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम भी पहुंच गई और मामले की छानबीन की लेकिन सोमवार दोपहर तक यह पता नहीं चला कि किस जानवर ने भेड़ों पर हमला किया था।
मगर वन विभाग के अधिकारी यह जरूर मान रहे हैं कि किसी जंगली जानवर का काम है। इसके लिए वन विभाग की टीम ने गांव में अलर्ट घोषित कर दिया है। गांव वालों को बता दिया गया है कि कोई भी जानवर दिखाई दे, तो तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दें। फिलहाल घायल भेड़ों का उपचार शुरू करा दिया गया है।
बितरोई गांव में भेड़ों पर हमले की सूचना पर टीम को भेजा था। अभी यह पता नहीं चला है कि जानवर कौन सा था। इसकी जांच कराई जा रही है। टीम लगी हुई है। पग चिह्न देखे जा रहे हैं। टीम अलर्ट है और गांव वालों को भी सचेत कर दिया गया है।
- जगन्नाथ कश्यप, एसडीओ वन विभाग
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