हरियाणा में अवैध कॉलोनियों पर स्पीकर हरविंदर कल्याण सख्त
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। हरियाणा की भाजपा सरकार अवैध कॉलोनियों को नियमित कर जहां लोगों को नारकीय जिंदगी से बाहर निकाल रही है, वहीं प्रापर्टी डीलर, नेता, कॉलोनाइजर और बिल्डर मिलकर लगातार अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं।
इससे न केवल अवैध कॉलोनियों की संख्या कम होने की बजाय लगातार बढ़ रही है, बल्कि लोग भी अपनी खून-पसीने की कमाई इन कॉलोनाइजरों के पास फंसाकर कॉलोनियों के नियमित होने की बाट जोह रहे हैं।
हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने लगातार कट रही अवैध कॉलोनियों की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जाहिर की है। साथ ही ऐसे अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया है कि पूरे राज्य में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया को न केवल सख्त किया जाए, बल्कि बिना लाइसेंस पनप रही अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि सरकार ने कानून बनाकर अवैध कॉलोनियों को नियमित कर दिया, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि कॉलोनियों के नियमित होने के साथ-साथ नई अवैध कॉलोनियां विकसित की जाती रहें। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वे नई काटी जा रही अवैध कॉलोनियों को नियमित करने में बिल्कुल भी नरमी न दिखाएं, ताकि आम लोग अपना पैसा फंसाने से बच सकें।
कल्याण ने पिछले दिनों अपनी यही राय घरौंडा में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में भी रखी थी। बाद में उन्होंने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार का काम लोगों को राहत देना है। उसके तहत पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की करीब 2300 उन अवैध कॉलोनियों को कानून बनाकर नियमित किया, जो नार्म्स पूरे करती हैं, लेकिन फिर ऐसी बाढ़ आ गई कि अवैध कॉलोनियां सिर्फ इस चाह में लगातार काटी जाने लगी कि देरसबेर सरकार उन्हें नियमित कर देगी।
हरियाणा में एक सर्वे के बाद 6904 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया गया था, लेकिन उनमें से 26 हजार 650 एकड़ जमीन में बनी 3937 अवैध कॉलोनियों को हटा दिया गया। राज्य सरकार ने अवैध कॉलोनियां काटकर लोगों को गुमराह करने व उनका पैसा हड़पने के आरोप में करीब 1900 प्रापर्टी डीलरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है, जबकि 11 साल में अब तक 2300 अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जा चुका है।
विधानसभा स्पीकर हरविन्द्र कल्याण का कहना है कि बिना लाइसेंस लिए बनाई जाने वाली अवैध कॉलोनियां बड़ी परेशानी का कारण बन जाती हैं, क्योंकि जहां कालोनी काटकर चंद लोग तो मुनाफा कमा लेते हैं, लेकिन वहां पर घर बनाने वालों को न तो मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं और न ही मकान के बने रहने की कोई गारंटी मिल पाती है। ऐसे मकानों को गिराए जाने का खतरा हमेशा बना रहता है।
पिछले वर्षों में भाजपा सरकार ने कानून बदलकर बहुत साल पुरानी कॉलोनियों को रेगुलर करने का काम किया। कॉलोनियों को रेगुलर करने के बाद वहां पर लोगों को मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई, जबकि वह काम कॉलोनी काटने वालों का था, जो कि उन्होंने नहीं किया।
विधानसभा स्पीकर ने पूरे प्रदेश में ऐसी अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध जागरूकता मुहिम चलाने तथा लोगों को भी स्वयं जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया है, ताकि वे छोटे और सस्ती जमीन के लालच में अवैध कारोबारियों के चंगुल में न फंस सकें।
उन्होंने कहा कि शहरों का सौंदर्यीकरण व स्वच्छता भी अति महत्वपूर्ण है, जो कि जनभागीदारी के बिना संभव नहीं है। शहरों को सुंदर व स्वच्छ बनाने के लिए मंथन करना होगा। चल रहे विकास कार्यों पर निगरानी के लिए हर वार्ड में कमेटियां गठित करनी होंगी। सरकार के एक-एक पैसे का सदुपयोग होना चाहिए। |
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