आशीष अंबष्ठ, धनबाद। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने एक जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच ईपीएफओ के दायरे से छूट कर्मचारियों को फिर से जोड़ने की दिशा में लग गई है। इसको लेकर कर्मचारी नामांकन अभियान 2025 नियोक्ताओं के लिए एक नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक एक विशेष मौका दिया है। जिसमें कर्मचारी के हिस्से की छूट और केवल 100 रुपये का मामूली जुर्माना लगेगा, जिससे ऐसे मामलों में खुद कोई कार्रवाई नहीं करेगा और यह अभियान देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने की दिशा में पहल है।
यह मौका एक जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच कवरेज से छूटे पात्र कर्मचारियों को नामांकित कर सकें। इसके लिए धनबाद में भी विशेष अभियान शुरू किया गया है। प्रवर्तन पदाधिकारी एस कुमार ने बताया कि इसको लेकर हर स्तर पर किया जा रहा है। बताया जाता है कि एक अनुमान आकलन के तहत इस दौरान करीब पचास हजार से अधिक लोगों को नाम शामिल है।
बताया जाता है कि कोरोना काल के दौरान 2020-21 में काफी संख्या में कर्मचारियों को इस वीपरित दौर से गुजरे है। जहां काम करते है वहां से भी उन्हें ईपीएफओ की श्रैणी में नहीं आ सके। कुछ लोगों ने बीच में ही काम छोड़ दिया है।
इस अभियान के तहत धनबाद ईपीएफओ कार्यालय में विशेष विंडो उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए है जिन्होंने एक जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच नौकरी शुरू की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उनका ईपीएफ पंजीकरण नहीं हो सका।
पिछले आठ वर्षों में नियुक्त हुए ऐसे सभी छूटे हुए कर्मचारियों की घोषणा करने के लिए नियोक्ताओं के पास यह एक सीमित समय का अवसर दिया गया है। योग्य कर्मचारी भविष्य निधि, पेंशन और बीमा लाभों से वंचित न रहे। विभाग ने सभी पंजीकृत प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने रिकार्ड की दोबारा जांच करें और छूटे हुए श्रमिकों को सिस्टम में शामिल करें। विभाग ने नियोक्ताओं को अपनी भूल सुधारने का एक सुनहरा अवसर दिया है।
मई में जारी होगा नोटिस:
ईपीएफओ की ओर से मई में नोटिस जारी होगी। वैसी कंपनियों को नोटिस जारी होगी, जिन्होंने इसका पालन नहीं किया है। इसको लेकर भी सूची तैयार की जा रही है। रांची मुख्यालय से भी इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करने संबंधित दिशा निर्देश दिया गया है। |
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