Jewar Airport: शुक्रवार को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एरोड्रोम लाइसेंस जारी कर दिया है। यह कदम उड़ानों के संचालन की शुरुआत की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह जानकारी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के CEO राकेश कुमार सिंह ने PTI को दी।
NIAL के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि घरेलू उड़ानों और कार्गो संचालन के लिए सिविल एविएशन नियमों के अनुसार एरोड्रोम लाइसेंस जारी किया गया है।
भाटिया ने कहा कि एयपोर्ट पर ऑपरेशन और व्यवस्थाएं अगले 45 दिनों के अंदर पूरी होने की उम्मीद है और एयरपोर्ट का इन्फ्रास्ट्रक्चर अब पूरी तरह से तैयार है।
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NIA के CEO ने दिया बयान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमान ने एक बयान में कहा, “एयरपोर्ट का लाइसेंस मिलना हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह हमारे पार्टनर्स के साथ मजबूत सहयोग और कमर्शियल ऑपरेशन के लिए तैयारियों में किए गए कड़े प्रयास को दर्शाता है। हम एक मॉडर्न, सुविधाजनक और यात्री-केंद्रित एयरोपर्ट बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास में उत्प्रेरक का काम करेगा।“
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।
गौतम बुद्ध नगर के जेवर में पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जा रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पूरी तरह से चालू होने पर देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट में से एक बन जाएगा।
1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम
उन्होंने बताया कि परियोजना का पहला चरण, जो 1,300 हेक्टेयर में फैला है और जिसमें एक रनवे और एक टर्मिनल बिल्डिंग शामिल है और यह सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।शुरुआत में इस एयरपोर्ट को सितंबर 2024 में यात्रियों के लिए खोलने की योजना बनाई गई थी।
एयरपोर्ट ने जारी बयान में कहा कि एरोड्रोम लाइसेंस, जो Aircraft Rules, 1937 के नियम 78 के तहत दिया गया है, यह प्रमाणित करता है कि एयरपोर्ट सभी जरूरी नियमों को पूरा करता है। इसमें ऑपरेशन के नियम, सुरक्षा व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर, नेविगेशन की मदद और आपातकालीन तैयारी शामिल हैं, जैसा कि DGCA के सिविल एविएशन नियमों में मांगा गया है।
बयान में कहा गया है, “यह ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से हाल ही में मिली मंजूरी के बाद हुआ है, जिसने घरेलू यात्री परिचालन के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्गो परिचालन के लिए अंतिम सुरक्षा जांच प्रदान की है। ये मंजूरियां मिलकर एयरपोर्ट के परिचालन शुरू करने की तैयारी में एक बड़ा कदम हैं।“
बयान में यह भी कहा गया है कि एयरपोर्ट का एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) वर्तमान में BCAS द्वारा देखा और परखा जा रहा है।
इसमें आगे कहा गया है कि एयरपोर्ट के ऑपरेशनल रेडीनेस एक्टिवेशन एंड ट्रांजिशन (ORAT) कार्यक्रम के तहत तैयारियां जारी हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिस्टम, प्रक्रियाएं और स्टाफ सुरक्षित और सुचारू रूप से परिचालन शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
45 दिनों के अंदर उड़ान संचालन होगा शुरू
इस बीच, जेवर से भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि 6 जुलाई, 2017 को जेवर में एयरपोर्ट के विकास के लिए साइट क्लीयरेंस मिल गया था और लगभग 9 साल की निरंतर योजना के बाद अब यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
धीरेंद्र सिंह ने कहा, “एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने के साथ ही, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अगले 45 दिनों के अंदर उड़ान संचालन के लिए पूरी तरह से तैयार होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिए जाने के बाद एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन होगा।“
उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रमुख आर्थिक इंजन साबित होगा, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन, रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
एयरपोर्ट दिलाएगा जेवर को नक्शे में स्थान
भूमि अधिग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भाजपा नेता ने कहा, यह एयरपोर्ट जेवर को वैश्विक आर्थिक नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाएगा।
एयरपोर्ट के बयान के अनुसार, “संचालन के लिए आवश्यक सभी प्रमुख बुनियादी ढांचा अब पूरा हो चुका है, और मोबिलिटी सेवाओं, ग्राउंड हैंडलिंग, इन-फ्लाइट कैटरिंग, एविएशन फ्यूल, कार्गो, रिटेल, फूड और बेवरेज और एयरपोर्ट होटल में आवश्यक रियायतें प्रदान की जा चुकी हैं। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कम्युनिकेशन और नेविगेशन सिस्टम्स को चालू कर दिया है।“
एयरपोर्ट ने कहा कि एरोड्रोम लाइसेंस यह पुष्टि करता है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लाइट ऑपरेशन के नियम और सुरक्षा व्यवस्था सभी मानकों के अनुसार तैयार हैं। लेकिन वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत तब तय होगी जब BCAS द्वारा एरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की मंजूरी मिल जाएगी।
एयरपोर्ट के लाइसेंस से यह पुष्टि होती है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लाइट ऑपरेशन के नियम और सुरक्षा व्यवस्था सभी मानकों के अनुसार हैं, लेकिन कॉमर्सियल उड़ानों की शुरुआत तब तय होगी जब BCAS द्वारा एरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की मंजूरी मिल जाएगी।
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