search
 Forgot password?
 Register now
search

सुपर हिट थीम पर भी अपना बिज़नेस बना सकते हैं, मीशो की कहानी यही कहती है

deltin55 1 hour(s) ago views 31


एक समय सोशल मीडिया पर सबसे सस्ता सामान बेचने को लेकर मीशो पर मजाक उड़ाया जाता था। लेकिन उसी मजाकिया पहचान को ताकत बनाकर मीशो ने खुद को स्थापित किया और आज यह भारत की टॉप हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स कंपनियों में गिनी जा रही है। खास बात यह है कि अमेज़न-फ्लिपकार्ट जैसे दिग्गजों के बीच मीशो मुनाफा कमाने वाली पहली भारतीय हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स कंपनी बन चुकी है। अब कंपनी की शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग ने एक बार फिर इसके सफर और इसके संस्थापकों की कहानी को चर्चा में ला दिया है।मीशो की सफतला ऐसे समय सामने आई है जबकि माना जा रहा था कि ई कॉमर्स बिजनेस नेटवर्क पर अमेज़न और फ्लिप्कार्ट जैसी बड़ी कंपनियों का कब्जा है, लेकिन मीशो ने साबित किया कि ईमानदारी से प्रयास किए जाएं तो बाजार में अपनी जगह बनाई जा सकती है।भारत के सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो ने शेयर बाजार में जोरदार एंट्री की। कंपनी के शेयर अपने IPO प्राइस से 46 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 162.50 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। 5,421 करोड़ रुपये के इस आईपीओ का प्राइस बैंड 105 से 111 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। लिस्टिंग के बाद शेयरों में तेजी देखने को मिली और इंट्राडे में यह 177.49 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। मीशो की स्थापना 2015 में IIT दिल्ली के पूर्व छात्र विदित आत्रे CEO और संजीव बर्नवाल CTO ने की थी। पढ़ाई के बाद विदित ने  और InMobi में काम किया, जबकि संजीव सोनी के साथ टोक्यो गए। 2015 में दोनों ने पहले फैशनियर नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जो सफल नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने छोटे शहरों और गांवों की महिलाओं को अपना बिजनेस शुरू करने का मौका देने के उद्देश्य से मीशो की शुरुआत की।मीशो का मकसद आम लोगों को अपना डिजिटल स्टोर बनाने का मौका देना था। इसकी शुरुआत छोटे शहरों की हाउसवाइव्स से हुई, जो WhatsApp और Facebook के जरिए प्रोडक्ट बेचती थीं। 2016 में Y Combinator के समर बैच में शामिल होने के बाद मीशो को 1.2 लाख डॉलर की सीड फंडिंग मिली और भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स का सपोर्ट भी मिला।मीशो का मॉडल तेजी से पॉपुलर हुआ और 2021 में इसकी वैल्यूएशन 2.1 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4.9 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। कंपनी ने मेट्रो शहरों के बजाय टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों पर फोकस किया, जहां सस्ते और ट्रेंडी प्रोडक्ट्स की ज्यादा मांग है। यही वजह है कि मीशो को आज पूरे भारत के लिए बना प्लेटफॉर्म माना जाता है।
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin55

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

12

Posts

1310K

Credits

administrator

Credits
130922

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com