निर्मला सीतारमण। (फाइल)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बाजार प्रतिभागियों ने सरकार से पूंजी बाजार से जुड़े करों को आसान बनाने की मांग की है। उन्होंने लांग टर्म कैपिटल गेन पर ज्यादा छूट दिए जाने की भी मांग की है। बजट पूर्व सुझावों में बाजार प्रतिभागियों ने सरकार से शेयर खरीद-बिक्री टैक्स (एसटीटी) में और वृद्धि नहीं करने को कहा है। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।
बाजार हितधारकों ने रिटेल और लॉन्ग टर्म निवेशकों को ज्यादा राहत देने के लिए शेयर निवेश से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) पर कर छूट सीमा बढ़ाने की भी मांग की। अपनी बजट अपेक्षाओं में जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि सरकार को इक्विटी एलटीसीजी के लिए कर मुक्त छूट सीमा 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर देनी चाहिए।
फर्म ने मुश्किलों को कम करने और कर स्पष्टता बेहतर करने के लिए इक्विटी, डेट, गोल्ड और रियल एस्टेट सहित सभी एसेट क्लास में लॉन्ग टर्म की परिभाषा को 12 महीने तक बढ़ाने की भी मांग की।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर धीरज रेली ने कहा कि सभी हितधारकों ने सट्टा व्यापार के बजाय लॉन्ग टर्म निवेश को बढ़ावा देने के लिए इक्विटी ट्रेड पर एसटीटी को डेरिवेटिव के मुकाबले कम रखने का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने शेयर बायबैक के सिर्फ लाभ वाले हिस्से पर टैक्स लगाने और घरेलू निवेशकों के लिए लाभांश टैक्स रेट्स को अनिवासी भारतीय पर लागू कर के बराकर करने का भी सुझाव दिया है। एफवाईईआरएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तेजस खोड़े ने उम्मीद जताई है कि सेाने और चांदी पर आयात शुल्क और नहीं बढ़ाया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों को मिल सकती है बड़ी राहत
डेलाइट इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर तरुण गर्ग ने कहा है कि आगामी बजट में वरिष्ठ नागरिक सबसे बड़े लाभार्थी हो सकते हैं। उनका मानना है कि सरकार ब्याज से होने वाली आय और हेल्थकेयर से जुड़ी राहत पर ज्यादा छूट देने पर विचार कर सकती है।
गर्ग ने कहा कि ब्याज आय पर ज्यादा छूट से वरिष्ठ नागरिकों को महंगाई और बढ़ते खर्च से निपटने में मदद मिल सकती है। उनका यह भी मानना है कि आगामी बजट में किसी तरह के बड़े बदलावों का एलान करने के बजाय नई कर प्रणाली को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी एक ऐसे क्षेत्र के तौर पर बताया जहां थोड़ी राहत दी जा सकती है। गर्ग ने कहा, यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कुछ बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुराने टैक्स सिस्टम में हाल के सालों में बहुत कम बदलाव हुए हैं, लेकिन नए टैक्स सिस्टम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन और बढ़ सकता है और इसमें 25 हजार से उससे ज्यादा की वृद्धि हो सकती है।
नई कर प्रणाली में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम से वेतन पाने वाले करदाताओं को टैक्स स्लैब को परिवर्तित किए बिना राहत मिलेगी।
एंट्री लेवल इलेक्ट्रिक्स गाड़ियों के लिए इंसेंटिव दे सरकार
टाटा मोटर्स ने बजट में एंट्री लेवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए खास इंसेंटिव और पीएम ई-ड्राइव स्कीम के तहत फ्लीट सेगमेंट में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहन देने की मांग की है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेंश चंद्रा ने कहा कि जीएसटी सुधारों, रेपो रेट में कमी और कर प्रणाली में बदलाव जैसे सरकारी दखल से पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री में डिमांड फिर से बढ़ी है, लेकिन एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर दबाव बना हुआ है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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