Paroo industrial zone: पारू में सात सौ एकड़ भूमि पर स्थापित होगा औद्योगिक क्षेत्र।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur industrial project: सत्ता में आने के बाद से ही बिहार की नई सरकार रोजगार के अवसर को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार उस दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिहार में औद्योगिक क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार ने स्पष्ट रोडमैप तैयार कर लिया है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड में 700 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का एमवीआर (मिनिमम वैल्यू रेट) निर्धारित किया जाएगा।
फिलहाल परियोजना के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (सोशल इंपैक्ट असेसमेंट) की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें एक माह से अधिक का समय लगने की संभावना है। आकलन करने वाली एजेंसी क्षेत्र का भ्रमण कर रैयतों से बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं व सुझावों को दर्ज करेगी। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
जिला भू-अर्जन कार्यालय के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि परियोजना से कितने लोगों को लाभ होगा और किन्हें नुकसान हो सकता है। इस प्रक्रिया का सबसे अहम पहलू यह है कि भूमि अधिग्रहण से कोई परिवार विस्थापित तो नहीं होगा। यदि किसी प्रकार का विस्थापन सामने आता है तो प्रभावित परिवारों को पुनर्वास योजना के अंतर्गत आच्छादित किया जाएगा।
सामाजिक प्रभाव आकलन की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद भूमि दर निर्धारण के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी द्वारा एमवीआर तय होने के बाद रैयतों से दावा-आपत्ति ली जाएगी। आपत्तियों के निपटारे के पश्चात शिविर लगाकर मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की स्वयं जिलाधिकारी निगरानी कर रहे हैं। वे प्रतिदिन इससे जुड़ी प्रगति रिपोर्ट ले रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। हाल ही में डीएम ने परियोजना स्थल का निरीक्षण भी किया था।
पटना-बेतिया निर्माणाधीन फोरलेन के समीप विकसित किए जा रहे इस औद्योगिक क्षेत्र से आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
जिस तरह से जगह का चयन किया गया है। यदि आशानुरूप कार्य होता रहा तो औद्योगिक क्षेत्र के विकास को मूर्त रूप देना जल्द संभव हो सकेगा। स्वाभाविक रूप से यह क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में बदलाव करने के साथ ही साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर को बढ़ाने में मददगार साबित होगा। |
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