घना कोहरा छाने से किसान परेशान।
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। सर्दी के मौसम का अब तक का शनिवार सुबह ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा कोहरा छाया हुआ देखने को मिला। इसे लेकर अब जिन किसानों ने सरसों की बोआई की है, उन्हें नुकसान की चिंता सताने लगी है। क्योंकि अब सरसों की फसल में फूल और फली दोनों आ रही हैं। गेहूं की फसल में अभी तक किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं है।
जिले में 26 हजार 564 एकड़ में गेहूं और 1100 एकड़ भूमि पर सरसों की बोआई की गई। 649 किसानों ने सरसों की फसल का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया है। गेहूं में कोहरा का अभी तक कोई नुकसान नहीं है। क्योंकि गेहूं अब तना पर पहुंच गया है। अभी गेहूं के लिए सर्दी की ज्यादा की जरूरत है। जबकि सरसों को लेकर किसान चिंतित हैं। सरसों की अगेती फसल में फिलहाल फली आ चुकी है। पछेती में फूल आया हुआ है।
धीरे-धीरे अब पकाव की तरफ बढ़ रही है। कोहरा ज्यादा होने से सरसों में चेपा लग सकता है। चेपा से सरसों का दाना खत्म हो जाएगा। किसान को चिंता सता रही है, यदि इस तरह से कोहरा पड़ता रहा तो सरसों की फसल का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सरसों में फूल धीरे-धीरे हट रहा है और फली में दाना पड़ना शुरू हो गया है। अब तो अच्छा यह है कि वर्षा हो जाए। कम से कम सरसों में चेपा तो नहीं लगेगा और पकाव भी अच्छा होगा। - मोहित त्यागी
हमारे तरफ पानी खारा होने के कारण सरसों की फसल लगाते हैं। सरसों की फसल को बचाने के लिए किसान हर संभव प्रयास करते हैं। अब रात को कोहरा और दिन में तेज धूप होने से मौसम गर्म होगा तो चेपा लग जाएगा। - फारुख
यदि सरसों में चेपा लगता है तो किसान स्प्रिंकलर से सिंचाई करें दे। इससे चेपा मर जाएगा। किसान मिथाइल डेमेटान 25 ईसी (मेंटासिस्टैक्स) या डाइमेथोएट (रागोर) 30ईसी को 250 से 400 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। यदि जरूरत हो किसान 15 दिन बाद दोबारा से छिड़काव कर सकते हैं। - डॉ. आनंद कुमार, क्षेत्रीय कृषि विकास अधिकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग फरीदाबाद |
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