जागरण संवाददाता, महराजगंज। मौनी अमावस्या रविवार को है। पर्व को लेकर जिले में आस्था और उत्साह का माहौल है। इस पावन अवसर पर राप्ती नदी के त्रिमुहानी, बैकुंठीघाट, त्रिवेणी, धानी सहित अन्य प्रमुख घाटों और नेपाल के नारायणी नदी के त्रिवेणी घाट पर लाखों श्रद्धालु स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं। सभी प्रमुख स्नान घाटों पर पुलिस बल और होमगार्ड की तैनाती की गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ठंड और गलन के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। लोग परिवार संग घाटों पर पहुंचकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, दान और जप करने की तैयारी में हैं। नदी के संवेदनशील स्थानों पर रस्सियां लगाई गई हैं, ताकि कोई गहरे पानी में न जाए। साथ ही गोताखोरों और नावों की भी व्यवस्था की गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की अलग से तैनाती की गई है।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी ने घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। नगर निकाय और संबंधित विभागों द्वारा साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। घाटों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे हैं। एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
झुलनीपुर संवाद सूत्र के अनुसार नेपाल के त्रिवेणी धाम में प्रसिद्ध मौनी अमावस्या मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। लेकिन झुलनीपुर में नेपाली कस्टम नहीं होने के कारण एसएसबी का गेट नहीं खुला, जिससे बड़ी गाड़ियों का प्रवेश नहीं मिल पाया। ऐसे में लोगों को काफी परेशान होकर झुलनीपुर से ठूठीबारी जाने को विवश होना पड़ा।
यहां बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल से लाखों श्रद्धालु नारायणी गंडक नदी में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे। अपर जिलाधिकारी डा. प्रशांत कुमार ने बताया कि घाटों पर स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। |