रूबी और पारस (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, मेरठ। कपसाड़ कांड के मुख्य आरोपित पारस सोम की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पुलिस पारस सोम का कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है। अर्जी तैयार कर ली है। पारस को रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त फरसा और अपहरण में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया जाएगा। उधर, कपसाड़ में पुलिस के पहरे से रूबी का परिवार भी परेशान हो चुका है। भाई नरसी का कहना है कि घर पर अधिक पुलिस होने से वे अपने काम भी नहीं कर पा रहे। रूबी परिवार और रिश्तेदारों से नहीं मिल पा रही।
उधर रूबी और पारस अलग-अलग बातें कह रहे हैं। बकौल पारस रूबी गांव से जाने का दबाव बना रही थी। हालांकि रूबी ने उस पर तमंचा दिखाकर अगवा करने का आरोप लगाया है।
गत आठ जनवरी को कपसाड़ गांव से खेत जाते समय सुनीता की हत्या कर बेटी रूबी को पारस सोम अगवा करके ले गया था। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने युवती की बरामदगी को लेकर हंगामा किया था। तीसरे दिन पुलिस ने हरिद्वार के चुडियाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से पारस को गिरफ्तार कर रूबी को बरामद किया था।
कोर्ट में दिए बयान में रूबी ने बताया था कि पारस सोम तमंचा दिखाकर उसे अगवा कर ले गया था। पुलिस ने रूबी को स्वजन को सौंप दिया था। तभी से रूबी को घर में पुलिस की पहरेदारी में रखा है। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि पारस सोम ने सुनीता की हत्या में फरसा और रूबी के अपहरण में तमंचे का प्रयोग किया था।
दोनों हथियार पारस से बरामद नहीं हो सके हैं। पारस को रिमांड पर लेकर दोनों हथियार बरामद किए जाएंगे। इसके लिए सरधना थाने में रिमांड की अर्जी तैयार कर ली है। जल्द ही अर्जी कोर्ट में डाली जाएगी। पारस के अधिवक्ता संजीव राणा ने बताया कि नाबालिग के लिए डाली गई अर्जी पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी। सभी साक्ष्य जुटा लिए हैं, ताकि ताकि पारस को जिला जेल से निकाल किशोरगृह भेजा जा सके।
पारस सोम बोला- रूबी खुद ही बना रही थी गांव से जाने का दबाव
जेल में अधिवक्ताओं से पारस सोम ने कहा कि रूबी से उसके प्रेम संबंध थे। रूबी ही गांव से चले जाने का दबाव बना रही थी। आठ जनवरी से पहले भी दोनों की गांव से भागने को लेकर बातचीत हुई थी। रूबी के इशारा करने पर ही उसके पीछे-पीछे खेत में गया था। रूबी को तमंचा नहीं दिखाया, बल्कि वह अपनी मर्जी से गई थी।
रूबी ने कहा-पारस ने तमंचा दिखाकर अगवा किया
रूबी ने बताया कि पारस सोम से दोस्ती थी। उसके बाद परिवार ने रिश्ता तय कर दिया था। तब उसने पारस से मिलना बंद कर दिया। आठ जनवरी को पारस तमंचा दिखाकर उसे अगवा कर ले गया था। मां ने इसका विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी थी। |
|