संवाद सहयोगी, बिंदकी। प्रस्तावित हाई-वे लखीमपुर बांदा कारिडोर बिंदकी में विकास के नए द्वार खोलेगा। इसके साथ ही बुंदेलखंड व प्रदेश की राजधानी का सफर और सुगम हो जाएगा। कानपुर की भीड़भाड़ से छुटकारा मिलेगा। हाईवे कारिडोर से कई गांव कस्बे के रूप में विकसित हाेंगे और व्यापार का नया रास्ता खुलेगा। लुप्त हो चुकी बिंदकी की दाल मंडी एक बार फिर से बुंदेलखंड की दलहनी फसलों के लिए नए बाजार के रूप में विकसित हो सकती है। बिंदकी से लखनऊ की दूरी 25 किमी कम हो जाएगी।
नार्थ साउथ कारिडोर में चौथा लखीमपुर बांदा कारिडोर बनाने का प्रस्ताव है। यह कारिडोर उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए लखनऊ को जोड़ेगा। इससे बिंदकी के अलावा बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के लोगों के लिए लखनऊ पहुंचने की दूरी 25 किमी कम हो जाएगी।
इसके अलावा कानपुर में जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा लखनऊ, सीतापुर सहित अन्य शहरों से भी भगवान श्रीराम की तपोभूमि दर्शन आने के लिए लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा। यातायात बढ़ने से गांव कस्बे के रूप में विकसित होने के साथ ही व्यापार के रास्ते खुलेंगे।
गल्ला मंडी को मिलेगा फायदा
रास्ता सुगम न होने के कारण बुंदेलखंड से दलहन का उत्पादन बिंदकी मंडी न आने के कारण यहां की दाल मंडी लुप्त हो चुकी है। दाल मिलें बंद हो चुकी हैं। यह हाईवे एक्सप्रेस वे दलहन के व्यापार का नया रास्ता खोलेगा। इसके अलावा बिंदकी की चावल मंडी से धान व चावल के परिवहन सुगम होगा।
एक घंटे दस मिनट में पहुंचेंगे राजधानी
हाईवे कारिडोर बनाने से बिंदकी से राजधानी लखनऊ की दूरी करीब 25 किमी कम हो जाएगी। इसके साथ ही जाम से भी नहीं जूझना होगा। इससे करीब एक घंटे दस मिनट में सीधे लखनऊ पहुंचेंगे। कानपुर से होकर लखनऊ जाने में अभी ढाई घंटे का समय लगता है। बिंदकी से लखनऊ की दूरी कानपुर होकर करीब डेढ़ सौ किमी है।
सड़क परिवहन ठीक होने से व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा। परिवहन ठीक न होने कारण व्यापारी यहां से कतराते हैं। हाईवे कारिडोर विकास की नई इबारत लिखेगा। -गोविंद बाबू टाटा, उपाध्यक्ष राइस मिलर्स एसोसिएशन
सरकार की यह योजना बहुत ही अच्छी है, हाईवे कारिडोर बनाए जाने से बिंदकी के व्यापार को नई पहचान मिलेगी। आवागमन अच्छा होना व्यापार में सफलता मिलती है। सुरेश सिंह चौहान, पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघ
हाईवे कारिडोर बनाया जाना एक अच्छा प्रयास है, यह मांग लंबे समय से चल रही थी। जन प्रतिनिधि भी इसे उठा रहे थे। इससे विकास का रास्ता खुलेगा। सुशील कुमार लोहिया, अध्यक्ष व्यापार मंडल
यह कारिडोर धार्मिक दृष्टि से भी अच्छा है। राजधानी के लोगों को श्रीराम की तपोस्थली आने के लिए सीधा रास्ता होगा। बिंदकी में मीरा के गिरधर गोपाल के भी दर्शन कर सकेंगे। - केसी तिवारी, सेवानिवृत प्रधानाचार्य
यह एक सामूहिक प्रयास का नतीजा है। मेरे द्वारा भी दो वर्ष से राजधानी लखनऊ से बिंदकी को सीधा जोड़ने के लिए प्रयास किया जा रहा था। हाईवे कारिडोर में इस शामिल करने से लंबे समय से बिंदकी विधान सभा के लोगों की यह मांग पूरी होगी। परियोजना को मुख्यमंत्री ने सहमिति दी है। यह खुशी की बात है। - जय कुमार सिंह जैकी, विधायक बिंदकी |