उत्तर प्रदेश सरकार खेती के साथ-साथ मछली पालन को भी एक मजबूत व्यवसाय के रूप में प्रोत्साहित कर रही है। सरकार द्वारा मछली पालकों के लिए चलाई जा रही योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण रोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में कारगर साबित हो रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मत्स्य विभाग ने राज्य सेक्टर की योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तिथि 14 अगस्त 2025 है।
कैसे करें आवेदन?
राज्य के किसान व पशुपालक http://fisheries.up.gov.in पोर्टल पर जाकर 14 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
हर योजना के लिए अलग से आवेदन करना होगा।
पोर्टल पर योजनाओं की लागत, पात्रता, दस्तावेजों की सूची व आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध है।
पिछली बार अस्वीकृत या लंबित आवेदक भी दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

कौन-कौन सी हैं योजनाएं?
उत्तर प्रदेश सरकार की ये योजनाएं मछली पालन को तकनीकी, आर्थिक और विपणन सहायता प्रदान करती हैं। जिनमें मुख्य योजनाएं, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना है, जो आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देती है। इसके अलावा निषादराज बोट सब्सिडी योजना नाव खरीदने के लिए अनुदान देती है। एयरेशन सिस्टम की स्थापना योजना, जो सघन मछली पालन उपकरण के लिए हैं। मोपेड विद आइसबॉक्स योजना मछली बिक्री के लिए है। क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और अंतर्राज्यीय भ्रमण योजना है।
मछली पालन के फायदे |