search
 Forgot password?
 Register now
search

पटना में नीट छात्रा की मौत का मामला: शाम ढलते ही बदल गई SIT, अब यौन हिंसा मानकर जांच करेगी टीम

cy520520 11 hour(s) ago views 482
  

पटना पुलिस ने नीट छात्रा की मौत मामले में SIT का गठन किया। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, पटना। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत और यौन हिंसा मामले में दोपहर में बनी SIT शुक्रवार को शाम ढलते ही बदल गई। अब एसपी पूर्वी के नेतृत्व में नए सिरे से सात सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।

इसमें एक एएसपी, दो डीएसपी और चार थानाध्यक्षों को शामिल किया गया है। इस SIT में जिस चित्रगुप्त नगर थाने में केस दर्ज हुआ है, वहां की महिला थानेदार को शामिल नहीं किया गया है।

SIT में एक महिला डीएसपी और एक अन्य महिला थानाध्यक्ष को शामिल किया गया है। SIT के सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि त्वरित गति से कांड का उद्भेदन कर घटना में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी करें। एसएसपी SIT के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करेंगे।
SIT टीम में शामिल पदाधिकारी

    पद पदाधिकारी का नाम
   
   
   एएसपी सदर-1
   अभिनव
   
   
   एसडीपीओ सचिवालय-1
   डॉ. अनु कुमारी
   
   
   एसडीपीओ सचिवालय-2
   साकेत कुमार
   
   
   थानाध्यक्ष, परसा बाजार थाना
   मेनका रानी
   
   
   थानाध्यक्ष, जक्कनपुर थाना
   ऋतुराज कुमार सिंह
   
   
   थानाध्यक्ष, रामकृष्णा नगर थाना
   राजीव कुमार
   
   
   थानाध्यक्ष, कदमकुआं थाना
   जन्मेजय राय
   
पुलिस ने लिया यू-टर्न, यौन हिंसा मानकर जांच में जुटी

पुलिस ने यू टर्न लिया है। प्रारंभिक जांच में छात्रा के साथ यौन हिंसा से इन्कार करने वाली पटना पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यौन हिंसा की बात मानकर जांच कर रही है। इसमें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के लिए सबसे अहम साक्ष्य है। SIT में अलग अलग टीम बनाई गई है, जिसमें एक टीम जहानाबाद भी भेजी जाएगी।

वह वहीं की रहने वाली थी और पटना में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रही थी। छात्रा के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि कोई जानकारी अगर डिलीट की गई हो तो उसे रिकवर किया जा सके।

SIT पहले चिकित्सक के बयान, रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर दूसरी राय (सेकेंड ओपिनियन) भी ले रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया, ताकि जांच पर किसी भी तरह का सवाल न उठे।

अब तक की जांच में पता चला कि छात्रा 26 दिसंबर को स्वजन के साथ जहानाबाद स्थित घर गई थी। पांच जनवरी की दोपहर 3.05 बजे पटना जंक्शन पहुंची। वहां से दोपहर 03: 34 बजे पर गर्ल्स हॉस्टल पहुंच गई। छह जनवरी को हास्टल में बेहोश मिली। छह से 10 जनवरी तक कदमकुंआ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती रही।

हालत गंभीर होने पर उसे कंकड़बाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को मौत हो गई। वहीं, नौ जनवरी को जब घटना की सूचना चित्रगुप्त नगर थाने की पुलिस को मिली तो स्वजन के बयान पर केस दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस का कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल में कुल 13 कैमरे लगे हैं। जिस कमरे में छात्रा रह रही थी, उसमें आने-जाने का एक ही दरवाजा है। छह जनवरी को छात्रा बेहोशी की हालत में कमरे में मिली थी। पांच और छह जनवरी का फुटेज पुलिस ने देखा था।

पुलिस अब छह से दस जनवरी का फुटेज भी देख रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि यौन हिंसा से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा तो बढ़ा दिया है, लेकिन इसके साथ ही यह मामला हत्या या आत्महत्या का है, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके लिए पुलिस विसरा की भी जांच करा रही है। निजी चिकित्सक का बयान और भूमिका भी जांच के दायरे में है।
जांच में उठ रहे कई सवाल

  • पुलिस ने दावा किया था कि कमरे से नींद की दवा मिली थी। आखिर छात्रा के कमरे में दवा कैसे पहुंची?

  • छात्रा पटना जंक्शन से सीधे हॉस्टल पहुंची। अगर छात्रा ने दवा खरीदी तो कहां और किस मेडिकल स्टोर से?

  • छात्रा 6 जनवरी को हॉस्टल में बेहोश मिली, हॉस्टल संचालक ने उसी दिन इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी?

  • सब कुछ सामान्य था तो साक्ष्य और अनुसंधान प्रभावित होने की आशंका में मकान की मालिक/संचालक की गिरफ्तारी क्यों की गई?

  • बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही पुलिस ने सिर्फ नींद की दवा बरामद कर प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका क्यों जताई?

  • अगर छात्रा ने नींद की गोलियां खाईं तो इसके पीछे असली वजह क्या है? कोई उसे ब्लैकमेल तो नहीं कर रहा था?

  • छात्रा के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री में सुसाइड एवं नींद की दवा से संबंधित सर्च का रिकॉर्ड है। उसने ऐसा क्यों किया?


SHO पर धमकी देने का आरोप

शुक्रवार को प्रेसवार्ता में छात्रा के स्वजन और उनके साथ मौजूद लोगों ने उस अस्पताल के डाक्टर पर गंभीर आरोप लगाया, जहां छह से दस जनवरी तक उपचार चल रहा था। साथ ही पत्रकार नगर थानाध्यक्ष की ओर से धमकी देने की भी बात कही। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए उन्हें थाने में प्रतीक्षा करनी पड़ी।

आरोप है कि गर्ल्स हॉस्टल के संचालक की ओर से 10 से 15 लाख रुपये के आफर दिए गए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच SIT या फिर अन्य जांच एजेंसियों से कराई जाए। डाक्टर और एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
149285

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com