राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जेल में तेल और मसालों के टेंडर प्रक्रिया की जांच की जाएगी। आरोप है कि एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर देने में गड़बड़ी की गई। टेक्निकल और फाइनेंसियल बिड में दो कंपनियां होने के बावजूद एक को ही सभी टेंडर दे दिए गए, वह भी बहुत ही कम अंतर के रेट से। अब इस मामले का कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने संज्ञान लिया है।
उन्होंने महानिदेशक कारागार पीसी मीणा को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बीते वर्ष कारागार विभाग में खाद्य तेल, मसालों और विद्युत यांत्रिकी का एक टेंडर निकाला गया था। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2025 थी।
टेंडर में गड़बड़ी के आरोप
टेंडर में टेक्निकल बिड में तीन कंपनियां शिव शक्ति इंटरप्राइजेज, राजमाता इंफ्राकान और एमजी आर्गेनाइजेशन को सही पाया गया था। इसके बाद फाइनेंसियल बिड में सभी टेंडर शिव शक्ति इंटरप्राइजेज को दिए गए। इसके बाद से ही टेंडर में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार टेंडर में पहले नंबर पर रही कंपनी शिवशक्ति इंटरप्राइजेज और दूसरे नंबर की कंपनी एमजी आर्गेनाइजेशन के रेट में बहुत कम अंतर था। इस टेंडर में सरसों का तेल, काली मिर्च, इलायची, लाल मिर्च की आपूर्ति की जानी थी। कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी सामने आई तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। |
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