प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। महापौर डा. उमेश गौतम ने शुक्रवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के साथ कर विभाग के अधिकारियों और गृहकर के जानकार कुछ पार्षदों के साथ बैठक की। बैठक में 45 दिन में म्यूटेशन की समस्या का समाधान, एक महीने में कर संबंधी सभी बिल संशोधन करने समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महापौर ने कर से संबंधित अधिक शिकायतों पर नाराजगी जाहिर की। बैठक के दौरान भी कई लोग कर संबंधी शिकायत लेकर पहुंचे।
बैठक के बाद महापौर ने उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। करीब दो घंटे तक चली बैठक में सपा के वरिष्ठ पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम में म्यूटेशन के नाम पर करदाताओं को कई साल तक चक्कर लगवाए जा रहे हैं। इस पर निर्णय लिया गया कि 45 दिन में म्यूटेशन की समस्या का समाधान होगा।
दोबारा नहीं मापा जाएगा भवन
महापौर ने कहा कि अधिकारी सबसे पुराने म्यूटेशन के मामलों का निस्तारण कर नजीर पेश करें। इस पर पता चला कि वर्ष 2021-22 के म्यूटेशन के चार पुराने मामले मिले हैं। पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि अभी दो साल पहले करदाताओं ने जीआइएस सर्वे के अंतर्गत स्वकर के फार्म भरे थे लेकिन इसके बाद भी कोई करदाता म्यूटेशन के लिए आता है तो उसका भवन फिर से नापा जाता है।
इस पर तय हुआ कि जिन भी करदाताओं ने दो साल पहले स्वकर फार्म भरे हैं, उनका भवन दोबारा नहीं नापा जाएगा। बैठक में बताया गया कि जिन करदाताओं के बिल 2014 से गलत आ रहे थे, उनके संशोधन नहीं हो पा रहे हैं। इस पर सभी बिलों का संशोधन 30 दिनों में करने को कहा गया।
भवन स्वामियों को बांटी जाएगी आईडी
इसके अलावा तय हुआ कि 100 मीटर तक के भवन पर बिना जांच के कर में छूट मिलेगी और इसके ऊपर के भवन पर जांच होगी। इसके अलावा जो भवन वाणिज्यिक हैं और कुछ भाग खाली है तो खाली भवन पर वाणिज्यिक नहीं बल्कि आवासीय कर लगेगा। जिन भवनों का बंटवारा हो गया है और कुछ बकाया नहीं है ऐसे सभी भवनों की आइडी सभी स्वामियों के बीच बांट दी जाएगी।
यदि कोई भवन स्वामी अपना गलत नाम सही करवाने गया तो उसको परेशान नहीं किया जाएगा और उसका भवन भी नहीं नापा जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। यदि कोई 10 बार सूचित करने के बाद भी कर नहीं जमा कर रहे हैं तो कार्रवाई होगी। बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी, पार्षद सर्वेश रस्तोगी, मुकेश सिंघल आदि मौजूद रहे।
वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का लाया जाएगा प्रस्ताव
पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम का करोड़ों रुपये गृहकर के मद में बकाया है। भवन का टैक्स कम है और ब्याज बहुत अधिक है। इसके लिए नगर निगम को वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लानी चाहिए। महापौर ने आदेश दिए कि मुख्य कर निर्धारण अधिकारी तत्काल प्रस्ताव बनाएं और शासन को भेजें। वह शासन में पैरवी करेंगे।
किरायेदार चुका सकेगा टैक्स, बनेगा प्रस्ताव
जिन भवनों को किराएदार छोड़कर चला जाता है और भवन खाली हो जाता है, ऐसे करदाताओं को नियम के तहत पत्र देना होता है लेकिन नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं करता है और इससे लाखों रुपये का नुकसान होता है। इस पर निर्णय लिया गया कि अधिकारी एक माह में जांच कर करदाताओं को पत्र भेजेंगे।
यदि उनकी मांग जायज है तो इससे करदाता को बार-बार नगर निगम नहीं आना पड़ेगा। इसके अलावा कहा गया कि यदि किसी भवन में किरायेदार है और भवन स्वामी कर नहीं दे रहा है तो किरायेदार कर चुका सकता है। इसके लिए सदन में प्रस्ताव पास कराया जाएगा।
बैठक में न बुलाने पर जताई नाराजगी
बैठक में न बुलाने पर पार्षद जय प्रकाश राजपूत और कपिल कांत सक्सेना ने नाराजगी जताई। जय प्रकाश राजपूत ने कहा कि उन्होंने 29 दिसंबर 2025 की बैठक में एक करोड़ से अधिक करदाताओं को नियम विरुद्ध छूट देने का मामला उठाया था। इस वजह से उन्हें बैठक में नहीं बुलाया गया। इस संबंध में दोनों पार्षदों ने एक वीडियो बनाकर भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
मुख्य बिंदुओं का सारांश
| समस्या / विषय | समाधान / नया नियम | | म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) | अधिकतम 45 दिन में समाधान करना अनिवार्य। | | गलत बिल संशोधन | पुराने गलत बिलों का सुधार 30 दिनों के भीतर होगा। | | भवन की पैमाइश | 2 साल पहले GIS सर्वे भरने वालों का भवन दोबारा नहीं नापा जाएगा। | | कमर्शियल टैक्स | भवन के खाली हिस्से पर कमर्शियल नहीं, आवासीय दर से टैक्स लगेगा। | | ब्याज माफी (OTS) | ब्याज खत्म करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। | | किरायेदार का अधिकार | यदि मालिक टैक्स न भरे, तो किरायेदार भी टैक्स जमा कर सकेगा (प्रस्तावित)। | | 100 मीटर तक के घर | बिना जांच के कर में छूट मिलेगी। |
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