एयर इंडिया और सिंगापुर एयरलाइंस ने भारत-सिंगापुर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक वाणिज्यिक सहयोग समझौता किया। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एयर इंडिया और सिंगापुर एयरलाइंस ने भारत-सिंगापुर कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दोनों एयरलाइंस ने 16 जनवरी 2026 को मुंबई में एक कमर्शियल को-ऑपरेशन फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत, वे अपनी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और गहरा करेंगे, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं, ज्यादा रूट ऑप्शन और सुगम यात्रा मिल सकेगी।
एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन और सिंगापुर एयरलाइंस के सीईओ गोह चून फोंग ने इस एग्रीमेंट पर दस्तखत किए। यह समझौता नियामकीय मंजूरी और अंतिम जॉइंट बिजनेस एग्रीमेंट्स पर निर्भर है। मंजूरी मिलने के बाद दोनों कंपनियां प्रोडक्ट ऑफरिंग्स को बेहतर बनाएंगी, फ्लाइट शेड्यूल को कोऑर्डिनेट करेंगी, कोडशेयर को और विस्तार देंगी, साथ ही भारत और सिंगापुर से बाहर भी कोडशेयर रूट्स बढ़ाएंगी।
वर्तमान में दोनों एयरलाइंस 20 देशों में 61 पॉइंट्स पर कोडशेयर कर रही हैं। 2024 में हुई विस्तार के बाद इसमें 51 नए डेस्टिनेशन (11 भारतीय और 40 अंतरराष्ट्रीय) जोड़े गए थे, जिससे भारत-सिंगापुर के बीच साप्ताहिक कोडशेयर सेवाएं 14 से बढ़कर 56 हो गईं। नया फ्रेमवर्क इस साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाएगा, जहां यात्रियों को एक ही बुकिंग में दोनों एयरलाइंस की फ्लाइट्स का लाभ मिलेगा, चेक-इन, बैगेज और कनेक्शन आसान होंगे।
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कहा, “यह समझौता हमारी लंबी साझेदारी को संरचित प्लेटफॉर्म देता है, जिससे ग्राहकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए लंबे समय तक मूल्य सृजन होगा।“ सिंगापुर एयरलाइंस के सीईओ गोह चून फोंग ने इसे “सफल पार्टनरशिप का प्राकृतिक विकास“ बताया, जो सिंगापुर-भारत कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देगा।
यह समझौता भारत और सिंगापुर के बीच बढ़ती यात्रा मांग को पूरा करने के साथ वैश्विक कनेक्टिविटी को सपोर्ट करेगा। दोनों एयरलाइंस के फ्रीक्वेंट फ्लायर प्रोग्राम्स, एयर इंडिया का महाराजा क्लब और एसआईए का क्रिसफ्लायर में भी बेहतर इंटीग्रेशन की संभावना है।
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