एसएसए के तहत नियुक्त शिक्षकों को यूटी कैडर के नियमित पदों पर नियमितीकरण का वैधानिक अधिकार नहीं।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन के तहत सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) में कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह निर्णय एकल पीठ के उस आदेश को प्रभावहीन रखने के लिए दिया गया है, जिसमें 10 वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर चुके यूटी के एसएसए शिक्षकों को नियमित करने का निर्देश दिया गया था।
जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक एकल न्यायाधीश के निर्णय का प्रभाव और क्रियान्वयन रोक दिया जाएगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख तय की है।
यह आदेश चंडीगढ़ प्रशासन के सचिव सहित अन्य की ओर से दायर अपील पर पारित किया गया। प्रशासन ने दलील दी कि जिन शिक्षकों ने याचिकाएं दायर की हैं, उनकी नियुक्ति सर्व शिक्षा अभियान के तहत हुई थी, जो केंद्र सरकार की एक परियोजना है।
उन्होंने कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा अब तक ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके तहत एसएसए के अंतर्गत सृजित पदों को चंडीगढ़ प्रशासन के नियमित शिक्षक संवर्ग में विलय किया गया हो।
खंडपीठ ने यह भी बताया कि इन परिस्थितियों में एसएसए के तहत नियुक्त शिक्षकों को यूटी कैडर के नियमित पदों पर नियमितीकरण का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। अदालत ने मामले को विचारणीय मानते हुए नोटिस जारी किया। |
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