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15 जनवरी 1885 को बना था एनईआर का मुख्यालय स्टेशन। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर जंक्शन ने 141 वर्ष की उम्र पूरी कर ली है। 15 जनवरी 1885 को पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय स्टेशन का निर्माण पूरा हुआ था। गुरुवार को जंक्शन के रेलकर्मियों ने केक काटकर सोल्लास स्थापना दिवस मनाया।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार गोरखपुर जंक्शन पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। जो अपनी स्थापनाकाल से आज तक निरन्तर उच्चस्तरीय यात्रा सेवाएं दे रहा है। वर्ष 1981 में छपरा से मल्हौर तक का आमान परिवर्तन पूर्ण हुआ और गोरखपुर जंक्शन बड़ी लाइन के माध्यम से देश के अन्य महानगरों से जुड़ा।
वर्ष 2004 में यहां दोहरीकरण का कार्य सम्पन्न हुआ। गोरखपुर जंक्शन का यार्ड रिमॉडलिंग 06 अक्टूबर, 2013 को पूर्ण हुआ। इसी के साथ गोरखपुर जंक्शन का प्लेटफॉर्म विश्व का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म (1366.66 मीटर) बना था। वर्तमान में यह विश्व का दूसरा सबसे लम्बा प्लेटफार्म है। सांस्कृतिक विरासत एवं आधुनिकता को समेटे हुए गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास हो रहा है।
पुनर्विकास आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर 498.97 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। मल्टी लेवल कार पार्किंग तथा कामर्शियल ब्लाक का कार्य अंतिम चरण में है। मुख्य स्टेशन भवन का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा, जिसमें पहले चरण पर कार्य चल रहा है, दूसरे एवं तीसरे चरण का कार्य करने के लिए यूटीएस काउंटर्स को शिफ्ट किया जाना है, जिसके लिए नया शेड बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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नए फुट ओवर ब्रिज बनाने के कार्य में तेजी लायी जा रही है। द्वितीय प्रवेश द्वार पर स्टेशन भवन बनाने के लिए कार्य प्रगति पर है। लाउंड्री हटाने के बाद इस कार्य में तेजी आएगी। प्लेेटफार्म नंबर नौ के निकट स्थित लाउंड्री की सुविधा को स्थानांतरित करने के लिए एक नई भवन का निर्माण हो चुका है। |
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