दिल्ली में प्रदूषण से खतरा बढ़ रहा है। जागरण
अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली में सांस की बीमारियों से होने वाली मौतें लगातार तीसरे साल बढ़ी हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 9,211 लोगों की मौत श्वसन रोगों के कारण हुई। इससे एक साल पहले यह संख्या 8,801 थी, जबकि 2022 में 7,432 मौतें दर्ज की गई थीं।
कोविड-19 महामारी के दौरान 2021 में यह आंकड़ा 14,442 तक पहुंच गया था। महामारी के बाद उम्मीद थी कि हालात बेहतर होंगे, लेकिन इसके उलट सांस की बीमारियां फिर से गंभीर चुनौती बनती दिख रही हैं।
दिल्ली में मौतों का सबसे बड़ा कारण अब भी हृदय और रक्त संचार से जुड़ी बीमारियां हैं। 2024 में इनसे 21,262 लोगों की जान गई, जो 2023 की तुलना में कहीं अधिक है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रदूषण, जीवनशैली और लगातार बढ़ता शहरी दबाव मिलकर दिल्लीवासियों की सेहत को कमजोर कर रहे हैं। सवाल सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि उस हवा का है जिसमें हर दिन लाखों लोग सांस लेने को मजबूर हैं। |