तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
संवाद सूत्र, पटनाघाट। पतंग उतारने के लिए पेड़ पर चढ़े बालक की करंट से मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीण जुट गए और विद्युत विभगा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी करने लगे। लेकिन स्वजन विद्युत विभाग के कर्मियों के आने तक शव को रोक दिया। तीन घंटे बाद जब अधिकारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिए तो शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह मामला बड़हलगंज थाना के तहामुहम्मदपुर गांव की है।
रामाश्रय गौंड का 10 वर्षीय पुत्र अनिल गौंड उर्फ कान्हा ननिहाल में रहता था और प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। गुरुवार दोपहर 1:30 बजे वह गांव के बच्चों के साथ पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान एक पतंग गांव के पास स्थित एक पेड़ पर फंस गई।
पतंग निकालने के लिए कान्हा पेड़ पर चढ़ गया। इस दौरान पेड़ के पास से गुजरी 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और बच्चों के शोर मचाने पर स्वजन समेत ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। कान्हा तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के बीच से हाईटेंशन लाइन का गुजरना हर वक्त हादसे की आशंका बनाए रहता है। पुलिस का कहना है कि घटना की जानकारी संबंधित विभाग को दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पांच लाख रुपये आर्थिक मदद का आश्वासन
सूचना मिलने के बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तीन घंटे की देरी से पहुंचे। तब तक स्वजन कान्हा का शव रखकर इंतजार करते है। अधिकारियों के पहुंचने पर स्वजन ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जर्जर तारों को बदला नही जा सका और न हीं पेड़ पोधो के बिच से गुजर रहे तारों को किनारे किया गया। इस पर बड़हलगंज विधुत उपकेंद्र के अवर अभियंता धन्नजय सिंह ने विभाग द्वारा पांच लाख रुपए का सहयोग एवं जर्जर तारों को बदलने का आश्वासन दिया। |
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