दो बैग लेकर अकाल सचिवालय में पेश हुए सीएम मान
जागरण संवाददाता, अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सामने प्रस्तुत हुए। मान दो बैग लेकर यहां पहुंचे और पच्चीस हजार से अधिक शिकायत पत्र जत्थेदार को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पत्रों में सबूत और लोगों की धार्मिक भावनाओं का दर्द भी हैं।
\“अकाल तख्त को चुनौती देने की औकात नहीं\“
दरअसल, मुख्यमंत्री सुबह ग्यारह बजे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंच गए थे। हालांकि, जत्थेदार के आगे उनकी पेशी 12 बजे हुई। लगभग चालीस मिनट तक सचिवालय में रहने के बाद मान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की उनकी औकात नहीं है। मैं विनम्र सिख की भांति यहां आया हूं।
उन्होंने कहा कि जत्थेदार साहिब के पास मेरे बयान या सरकार से संबंधित जो शिकायत पहुंची है, उस पर मैंने पक्ष साफ कर दिया है। जत्थेदार ने स्पष्ट कहा है कि वे जल्द ही पांच सिंह साहिबान की बैठकर अगला आदेश जारी करेंगे।
धर्म की रक्षा करना हमारा कर्तव्य: सीएम मान
भगवंत मान ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में एसजीपीसी के प्रबंधों में कमियों की जो शिकायतें मेरे पास आई हैं, उन्हें सिंह साहिब के समक्ष प्रस्तुत किया है। धर्म की रक्षा करना हमारा कर्तव्य हैं। मैंने रिकॉर्ड जमा करवा दिया है। कमियां मुझमें भी हो सकती है। यह मामला संवेदनशील है। सिंह साहिब ने विश्वास दिलाया है कि वह एक-एक पत्र देखेंगे।
सीएम ने आगे कहा कि मैंने कभी अकाल तख्त साहिब को चुनौती नहीं दी। अकाल तख्त साहिब की सर्वाोच्चता को कोई चुनौती दे ही नहीं सकता। मुझे परमात्मा ने पंजाब की सेवा का अवसर दिया है। हम पंजाब के लोगों को उन्नति व सुविधाएं दे सकें।
जत्थेदार का हर फैसला मानूंगा: सीएम मान
मान ने कहा कि जत्थेदार की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा वह सिर माथे होगा। जत्थेदार ने कहा है कि आपका पक्ष मिल गया है। अब जो भी निर्णय होगा उसके बारे में आपको सूचित किया जाएगा। मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब आकर मुझे सुकून मिला है। इस मामले में कई लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं।
क्या है वायरल वीडियो की वास्तविकता?
जत्थेदार ने मान से वीडियो की वास्तविकता बताने को कहा। इस पर मान ने कहा कि वह फर्जी वीडियो है। आजकल एआई का जमाना है। किसी का भी वीडियो इस तकनीक से बनाकर वायरल कर दिया जाता है। इस वीडियो की किसी भी लैब से जांच करवाई जा सकती है। यह वीडियो देखने में ही फेक लगती है।
पावन स्वरूपों के मामले में मान ने कहा कि नाभा में बरामद किए पावन स्वरूपों में से 139 का रिकॉर्ड नहीं है। अब जत्थेदार की ओर से जो आदेश मिलेगा वैसा ही करेंगे। हम केवल ऐसे स्वरूपों की तलाश कर रहे हैं, जिनका रिकॉर्ड नहीं है।
अकाल तख्त साहिब किसी से बैर नहीं
इसी बीच पत्रकारों से बातचीत में जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। गोलक वाले बयान का स्पष्टीकरण भी दिया गया है। आगामी दिनों में पांच सिंह साहिबान की बैठक होगी। उस पर जो विचार होगा यह बताया जाएगा।
जत्थेदार ने कहा कि मान की जो वीडियो वायरल हो रही है, उसकी लैब जांच के लिए मैंने उन्हें कहा है। हम इस वीडियो की जांच करवाएंगे, ताकि सच्चाई सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब किसी से बैर नहीं रखता। जत्थेदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने माना है कि उन्हें सिख सिद्धांतों की अधिक जानकारी नहीं है। मान ने यह भी स्वीकार किया है कि कई मामलों में उन्हें नहीं बोलना चाहिए था। अब उन्होंने भविष्य में इस प्रकार नहीं बोलने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला?
यहां बताना जरूरी है कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने पांच जनवरी को एक आपत्तिजनक वीडियो और गोलक समेत सिख मुद्दों पर की बयानबाजी को लेकर मुख्यमंत्री को तलब किया था। हालांकि, अमृतधारी सिख न होने की वजह से सीएम ने अकाल तख्त की फसील की जगह सचिवालय में पेश होकर तमाम मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया। इस दौरान जत्थेदार ने मुख्यमंत्री को सिख मर्यादा से संबंधित एक पुस्तक भेंट की।
बता दें, श्री अकाल तख्त साहिब में प्रस्तुत होने वाले भगवंत मान चौथे मुख्यमंत्री हैं। इससे पूर्व स्व. भीम सेन सच्चर, सुरजीत सिंह बरनाला और प्रकाश सिंह बादल को भी अकाल तख्त में तलब किया जा चुका है। |
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