जागरण संवाददाता, पटना। 15 जनवरी को खरमास (Kharmas 2026 January End Date) समाप्त होने के बावजूद शादियों की शहनाइयां पांच फरवरी से गूंजेंगी। पांच फरवरी से 12 दिसंबर 2026 के बीच शादी-विवाह के कुल 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। शुक्र ग्रह 1 फरवरी 2026 से उदय हो रहा है।
ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते हैं कि शादी-विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदित होना और अच्छे योग में होना बेहद जरूरी होता है। इन दोनों में से एक भी ग्रह के नहीं रहने पर शादी-विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं बनता है। सबसे अधिक 12 शादियों का मुहूर्त फरवरी माह में है।
इसके बाद मार्च, अप्रैल, मई और जून में शादियों का आठ-आठ मुहूर्त बन रहे हैं। जुलाई में चार, नवंबर माह में चार और दिसंबर 2026 में सात मुहूर्त हैं। 11 दिसंबर तक शादी-विवाह कार्य संपन्न होंगे।
माह तिथियां कुल दिन
फरवरी
5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26
12
मार्च
1, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12
08
अप्रैल
15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29
08
मई
1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
08
जून
21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
08
जुलाई
1, 6, 7, 11
04
नवंबर
21, 24, 25, 26
04
दिसंबर
2, 3, 4, 5, 6, 11, 12
07
जून में अधिकमास और जुलाई-नवंबर के बीच चातुर्मास
ज्योतिषाचार्य पीके युग के अनुसार, वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है। इस दौरान दो माह ज्येष्ठ रहेगा। इस दौरान शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं होंगे। 17 मई से 15 जून और 16 जून से 14 जुलाई के बीच ज्येष्ठ माह रहेगा।
इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर के बीच चातुर्मास में भगवान श्री हरि चार महीने के योग निंद्रा में चले जाएंगे। भगवान विष्णु के जाग्रत नहीं होने की स्थिति में भी लग्न आदि कार्य नहीं होते है। चातुर्मास, देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी के बीच होती है। |