लोगों का कहना है कि श्रीनगर में कटौती नहीं है, जबकि जम्मू में घंटों बिजली गुल रहती है।
जागरण संवाददाता, जम्मू। कंपा देने वाली सर्दी के बीच जम्मू में तीन से पांच घंटे की कटौती ने लोगों के नाक में दम कर दिया है। एक तो सर्दी बेहाल कर रही है, दूसरा बिजली।
रोजाना न्यूनतम तीन घंटे की कटौती से जम्मू शहर का लगभग हर मुहल्ला जूझ रहा है। लोग चाहते हैं कि विभाग चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति के अपने वादे को पूरा करे। वहीं विभाग बारिश और बर्फबारी नहीं होने के चलते करीब 70 प्रतिशत उत्पादन कम होने को कारण बता रहा है।
वीरवार को भी शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह से शाम तक तीन से छह घंटे की कटौती हुई। त्रिकुटा नगर, प्रीत नगर व आसपास के मुहल्लों में सुबह 6 से 7 बजे तक एक घंटे की कटौती की गई। उसके बाद करीब पौने घंटे के लिए साढ़े दस बजे बिजली बंद हुई। फिर 12 बजे एक घंटे की कटौती हुई।
शाम को दोबारा करीब सवा घंटे की बिजली कटौती झेलनी पड़ी। ऐसा ही हाल गंग्याल, कुंजवानी, छन्नी हिम्मत, चौआदी, सैनिक कालोनी, सुंजवां, नरवाल, गांधीनगर, सतवारी, नई बस्ती, तालाब तिल्लो, बोहड़ी, पौनी चक, जानीपुर, बन तालाब, सरवाल, रिहाड़ी, पुराने शहर समेत लगभग सभी इलाकों में भिन्न समय पर कटौती की गई। बिजली नहीं होने के कारण लोगों को कंपा देने वाली सर्दी में ब्लोअर, हीटर चलाना मुश्किल हो गया है।
जिस कारण ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग राज कुमार, विशाल शर्मा, रूमेल सिंह, बिशम्बार दास का कहना है कि श्रीनगर में कोई कटौती नहीं है। जम्मू में घंटों कटौती की जा रही है। जम्मू संभाग में ही लोग पूरा किराया दे रहे हैं। बावजूद इसके कटौती भी जम्मू वालों को ही झेलनी पड़ रही है।
उधर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक न तो पर्याप्त बारिश हुई है और न ही बर्फबारी। जिस कारण जलस्तर कम होने के चलते बिजली का उत्पादन कम हो गया है। करीब 70 प्रतिशत उत्पादन कम होने की बात कही जा रही है। इस कारण कटौती मजबूरी में करनी पड़ रही है। |