ड्रोन कैमरे में जंगल के राजा की तस्वीर
जागरण संवाददाता, बहराइच : प्रदेश के तराई क्षेत्र बहराइच में भेड़िया और तेंदुआ के बाद अब बाघ के कारण लोगों में दहशत है। यहां के रामगांव क्षेत्र के रेहुआ मंसूर में बाघ ने दस्तक दी है। बाघ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम भी संसाधनों के साथ मौके पर पहुंच गई है।
ड्रोन कैमरे में जंगल के राजा की तस्वीर कैद होने के बाद लोग दहशत में आ गए। रेस्क्यू के लिए वन विभाग ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। ग्रामीणों को रेहुआ मंसूर के पासिनपुरवा गांव के निकट खेत में हिंसक वन्य दिखाई देने के बाद सबसे पहले तेंदुआ की चर्चा शुरू हुई।
आबादी से बमुश्किल 300 मीटर दूर गन्ने के खेत में बैठे बाघ की तस्वीर कैद हुई तो वन कर्मियों में हलचल मच गई। ग्रामीण भी भयभीत हो उठे। ड्रोन कैमरे से लगातार बाघ के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
बहराइच वन प्रभाग ने कतर्निया वन्य जीव प्रभाग से रेस्क्यू वाहन भी मौके मंगाया है। रेस्क्यू के दौरान बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए कतर्निया वन्य जीव प्रभाग के चिकित्सक डा. दीपक कुमार व दुधवा वन्य जीव प्रभाग के चिकित्सक डा. दया भी मौके पर है।
रेस्क्यू के लिए खेतों के चारों ओर जाल व पिंजरे लगाए गए। कांबिंग के लिए रेस्क्यू वाहन लाया गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व से दो हाथियों को भी बुलाया गया है जिनके देर शाम तक मौके पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
डीएफओ बहराइच एसडीओ राशिद जमील, रेंजर मोहम्मद शाकिब वन कर्मियों संग मौके पर कैंप कर रहे हैं। खेतों व गांव के आसपास टीमों को निगरानी में लगाया गया है। बावजूद इसके ग्रामीणों में खौफ है।
राकेश, अजय, राम कुमार समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक इलाक़े में भेड़िए व तेंदुए की दहशत थी। अब बाघ ने आकर लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। डीएफओ बहराइच सूंदरेशा ने बताया कि दुधवा से दो हाथी भी लाये जा रहे हैं। जिससे पर बैठकर वनकर्मी कांबिंग करेंगे।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर कहा कि ग्रामीण देर शाम या रात में अकेले खेतों की ओर न जाएं। इससे पहले हरदी थाना के घाघरा के कछार में अंगरौरा दुबहा गांव के निकट ग्रामीणों को बाघ दिखाई दिया था। इस इलाके में भेड़िया व तेंदुए के बाद ग्रामीण बाघ की दस्तक से भयभीत हैं।
बीते सात महसी इलाके में भेड़ियों ने आतंक मचाते हुए 12 लोगों का शिकार किया था। 55 लोग हमले में घायल भी हुए थे। इस वर्ष भी भेड़िये ने कैसरंगज व महसी इलाके में 13 लोगों को अपना शिकार बनाया था। 45 लोग घायल हुए थे। |
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