संवाद सूत्र, लालगंज (रायबरेली)। गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में लगे कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बड़ी नहर की पटरी कट गई, जिससे लगभग दो सौ बीघा फसल पानी में डूब गई। नाराज किसानों ने प्रदर्शन कर सिंचाई विभाग के विरुद्ध नारेबाजी की, इसके बाद जेसीबी मंगाकर नहर पटरी ठीक कराई गई।
मामला यूसुफपुर ग्राम सभा का है, जहां सुआखेड़ा गांव के सामने गंगा एक्सप्रेसवे का लगभग 350 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनाया गया है।
इसी ओवरब्रिज के नीचे से बड़ी नहर गई है। बाल्हेमऊ की तरफ जहां ओवर ब्रिज समाप्त होता है वहां पर नहर पटरी काट कर रास्ता बना दिया गया है। नहर में पानी आने के पहले उस जगह पर दो सीमेंट की पाइप डालकर मिट्टी डाल दी थी, लेकिन दो दिन पहले तेज गति से नहर में आए पानी से मिट्टी बह गई और सुआखेड़ा गांव की तरफ स्थित दो सौ बीघा से अधिक गेहूं, सरसों आदि की फसल पानी में डूब गई। किसान मुन्नीदेवी ने बताया कि उसकी लगभग पांच बीघा फसल पानी में डूबी हुई है।
राजभर जागकर करते थे फसल की सुरक्षा
इसी प्रकार बिहारी लाल व राजकुमार की दो दो बीघा, ओम प्रकाश की तीन बीघा, रामप्रसाद, रामचरण, रामखेलावन, ओम प्रकाश, मोनू, करन, योगेंद्र, रोशनलाल, हरिश्चंद्र, रामशंकर, दिनेश, सुनीता, सुरेंद्र आदि की कई बीघा फसल पानी में डूब गई है। महिला किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया और कहा कि कड़ाके की ठंड में रात भर जाग कर बेसहारा मवेशियों से किसी प्रकार फसल की सुरक्षा की जा रही थी।
अब पानी भर जाने से फसल बरबाद होना तय है। किसानों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में लगे लोगों ने जमकर मनमानी की है, जहां जितना चाहा उतनी मिट्टी खोद ली। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता सौरभ कुमार का कहना है कि निर्माण के चलते पटरी कटी थी। जैसे ही सूचना मिली जेसीबी भेज कर पटरी ठीक करा दी गई है। |