Darbhanga Royal Family: देश के कई राजशाही परिवार के सदस्य भी शामिल होकर अर्पित करेंगे श्रद्धांजलि। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, दरभंगा। Darbhanga Royal Family: दरभंगा राज परिवार की गरिमा, परंपरा और राजशाही वैभव के अनुरूप महाधिरानी काम सुंदरी देवी (93) का श्राद्धकर्म पूरे राजसी ठाठ-बाट के साथ संपन्न किया जाएगा। दरभंगा महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी रहीं महाधिरानी के श्राद्धकर्म को लेकर राज परिवार में विस्तृत तैयारी शुरू हो चुकी है।
कर्मकांड और श्राद्धकर्म की रूपरेखा तय
महाधिरानी के पौत्र राजकुमार कपिलेश्वर सिंह ने दिल्ली से दरभंगा पहुंचते ही मुखाग्नि देने वाले अपने चचेरे बड़े भाई रत्नेश्वर सिंह से कल्याणी निवास में मुलाकात की। इस दौरान परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठकर 13 दिनों तक चलने वाले कर्मकांड और श्राद्धकर्म की रूपरेखा तय की गई।
राजकुमार कपिलेश्वर सिंह ने स्पष्ट कहा कि श्राद्धकर्म की सभी तैयारियां परंपरागत विधि-विधान और राजशाही मर्यादा के अनुरूप होंगी, इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।उन्होंने बड़े भाई से पारंपरिक नियमों के अनुसार कर्म संपन्न कराने का आग्रह किया।
भव्य आयोजन की तैयारी
जबकि स्वयं समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। राज परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, श्राद्धकर्म का आयोजन ऐतिहासिक और भावनात्मक दोनों दृष्टि से अत्यंत भव्य होगा।महाधिरानी के श्राद्धकर्म में देश-विदेश से कई प्रतिष्ठित हस्तियों के पहुंचने की संभावना है।
विभिन्न राजशाही परिवारों को भी निमंत्रण
इसके लिए शोक आमंत्रण पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय एवं राज्य सरकार के कई मंत्री, आरएसएस के केंद्रीय पदाधिकारी, तथा देश के विभिन्न राजशाही परिवारों के सदस्य दरभंगा पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
अतिथियों की संभावित भीड़ को देखते हुए दरभंगा शहर के कई प्रमुख और चर्चित होटलों को पहले से ही बुक करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर भी इसे लेकर हलचल तेज हो गई है।
इसी बीच, राजकुमार कपिलेश्वर सिंह के बड़े भाई कुमार राजेश्वर सिंह गुरुवार को यूएसए से दरभंगा पहुंचेंगे। उनके आगमन के साथ ही श्राद्धकर्म की तैयारियां और गति पकड़ लेंगी।
संपूर्ण मिथिलांचल की क्षति
उधर, पूर्व मंत्री एवं राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने राजकुमार कपिलेश्वर सिंह से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह क्षति सिर्फ दरभंगा राज परिवार की नहीं, बल्कि संपूर्ण मिथिलांचल की है, जिसने एक गरिमामयी, सुसंस्कृत और लोक-कल्याणकारी व्यक्तित्व को खो दिया है।
कल्याणी निवास में शिफ्ट हुए रत्नेश्वर सिंह
मुखाग्नि देने के बाद महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह के छोटे भाई राजबहादुर विश्वेश्वर सिंह के पौत्र रत्नेश्वर सिंह तत्काल कल्याणी निवास में शिफ्ट हो गए हैं। उनकी धर्मपत्नी भी साथ में हैं। कर्मकांड के दौरान उनकी देखरेख और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए लगभग एक दर्जन लोगों की व्यवस्था की गई है।
उल्लेखनीय है कि महाधिरानी काम सुंदरी देवी कल्याणी निवास में ही रहती थीं और सोमवार की सुबह वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली थी। इसी कारण मुखाग्नि के उपरांत रत्नेश्वर सिंह अपनी दादी के निवास पर ही शिफ्ट हो गए हैं। |
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