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16 साल का बकाया माफ कराना है तो संपत्तिकर जमा करने का ये अंतिम मौका, MCD ने एक महीने के लिए बढ़ाई योजना

LHC0088 2026-1-1 21:27:07 views 836
  MCD



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अगर, आपने अभी एमसीडी क्षेत्र में स्थित अपना संपत्तिकर जमा नहीं किया है तो अब आखिरी मौका है कि 16 साल का बकाया और जुर्माना माफ करा लें। एमसीडी ने संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो) के तहत लाभ लेने वाले की समय-सीमा एक माह बढ़ा दी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

अब 31 जनवरी तक इसका लाभ लियाजा सकेगा। इसलिए महापौर राजा इकबाल सिंह ने नागरिकों से संपत्ति कर माफी योजना 2025–26 ‘संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो)’ का लाभ उठाने की अपील की है।

एमसीडी के अनुसार सुनियो योजना के अंतर्गत, करदाता वित्त वर्ष 2020–21 से पूर्व की अवधि के लिए देय संपत्तिकर, ब्याज एवं जुर्माना पर पूर्ण छूट का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते वे चालू वित्त वर्ष 2025–26 तथा पूर्ववर्ती पांच वित्त वर्षों (अर्थात् वित्त वर्ष 2020–21 से 2024–25 तक) के लिए देय संपत्ति कर की मूल राशि का भुगतान बिना किसी ब्याज एवं जुर्माने के करें। इस योजना को पांच प्रतिशत विलंब शुल्क के साथ 31 जनवरी, 2026 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

महापौर ने कहा, “हम सभी संपत्ति मालिकों से अपील करते हैं कि वे सुनियो योजना के अंतर्गत इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाएं और बिना किसी ब्याज या दंड के अपने बकाया संपत्ति कर का निपटान करें। महापौर ने बताया कि नागरिक सुनियो योजना के अंतर्गत कर माफी योजना में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

31 दिसंबर, 2025 तक 1,66,587 करदाताओं ने इस पहल का लाभ उठाया है। इससे निगम को 803.61 करोड़ का संपत्तिकर एमसीडी को प्राप्त हुआ है। इसमें से 1,20,157 आवासीय संपत्तियों से 88.28 करोड़ रुपये, जबकि 46,430 गैर-आवासीय संपत्तियों से 615.32 करोड़ का संपत्तिकर आया है।

उन्होंने यह भी बताया कि 90,139 नए करदाताओं ने पहली बार सुनियो योजना का लाभ उठाते हुए संपत्ति कर का भुगतान किया है, जिनसे 312.45 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ है। महापौर ने बताया कि निगम ने 31 दिसंबर तक 2642 करोड़ रुपये का संपत्तिकर प्राप्त कर लिया है। जिसमें 12.42 लाख के करीब संपत्तिकरदाताओं ने यह राशि जमा कराई है।

जो कि 2024-25 के वित्त वर्ष से 20.52 प्रतिशत अधिक है। 2024-25 की समान अवधि में 10,31,177 करदाताओं से 1,859.77 करोड़ का संपत्तिकर जमा किया। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2024–25 में कुल संपत्ति कर संग्रह 2,132.29 करोड़ था, जो 11,33,161 करदाताओं से प्राप्त हुआ था, जबकि चालू वित्त वर्ष में अब तक का कर संग्रह इससे कहीं अधिक है।
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