संवाद सहयोगी, कटिहार। बताए, मुख्यमंत्री जी ये क्या है। डॉक्टर नहीं, मशीन खराब, काउंटर पर दवा नहीं, यह क्या हो रहा है। गरीबों को रेफर किया जा रहा है। यह उनका डेट बोडी अस्पताल से निकल रहा है। यह गुहार रूपी आंक्रोश सुमित सिंह के एक स्वजन सदर अस्पताल में जोर जोर से लगा रहे थे।
दरअसल सुमित सिंह अपनी पत्नी को इलाज कराने लेकर पहुंचते थे। इनकी पत्नी मुंह में आम में डालने वाला जहरीला पदार्थ चला गया था। पत्नी का इलाज चल रहा था। इसी दौरान स्वजन चिकित्सीय सुविधा और व्यवस्था पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। पुलिस के पहुंचने के बाद हंगामा शांत हुआ। घटना बूधवार की शाम की है।
प्राणपुर के बुधेली गांव निवासी सुमित सिंह ने बताया कि आम के पेड़ में डालने वाला जहरीला पदार्थ गलती से उनकी पत्नी के मुंह में चला गया, जिससे गले में तेज जलन और बेचैनी शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर वे आनन-फानन में पत्नी को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल की इमरजेंसी में मौजूद नर्सों ने कथित तौर पर बताया कि पॉइजनिंग के इलाज में दी जाने वाली आवश्यक दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है और जो दवा है, वह एक्सपायर हो चुकी है।
इसके बाद मरीज के स्वजन को बाहर से दवा खरीदने की सलाह दी गई।बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर लाई, लेकिन एक डोज दवा देने के बाद किसी तरह की अन्य चिकित्सकीय सुविधा नहीं की गई।
यह भी पढ़ें- होल्डिंग टैक्स भरने के लिए अब निगम जाने की जरूरत नहीं, कर्मी ही आएंगे आपके द्वार
यह भी पढ़ें- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: पायलट प्रोजेक्ट के लिए मुजफ्फरपुर का चयन, 2450 हेक्टेयर भूमि होगी लाभान्वित
यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर में 5.31 करोड़ से उठा रेलवे पार्किंग का ठेका, पाश मशीन से मिलेगी पर्ची |
|