हत्यारोपित सिपाही नवीन
आशुतोष गुप्ता, साहिबाबाद। लोनी थाना क्षेत्र में 26 दिसंबर को गोलियां मारकर की गई एयरफोर्स के सेवानिवृत वारंट अफसर योगेश की हत्या के आरोपित सिपाही नवीन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस हाथ मलती रह गई। नवीन ने पुलिस को चकमा देकर मंगलवार को गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
कोर्ट ने सिपाही को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब आरोपित से पूछताछ के लिए कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी डालेगी। पुलिस सिपाही नवीन को रिमांड पर लाकर पूछताछ करेगी, इसके बाद पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ सकेगा। दैनिक जागरण सिपाही के कोर्ट में सरेंडर करने की आशंका जताते हुए चार जनवरी को ही प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर दिया था।
सिपाही के शातिराना दिमाग ने पुलिस की सिरदर्दी पहले दिन से ही बढ़ा रखी थी। पुलिस की नौकरी में होने के कारण सिपाही नवीन को इलेक्ट्रानिक व मेनुअल सर्विलांस की खूब बारीकी से जानकारी थी। इस कारण वह पुलिस को लगातार छका रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आरोपित मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं कर रहा था, इस कारण पुलिस उसकी लोकेशन नहीं खंगाल पा रही थी। हालांकि पुलिस ने मोबाइल फोन की पूर्व की सीडीआर की मदद से उसके पुराने ठिकाने तलाशे थे।
इसके आधार पर पुलिस ने दिल्ली के खजूरी, मथुरा और अलीगढ़ में डेरा भी डाला था, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। वहीं नवीन की पत्नी भी दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल है। पुलिस को आशंका थी कि पत्नी उसे पनाह दे सकती है और कहीं न कहीं छुपाने में मदद कर सकती है, इसके चलते पत्नी को भी पुलिस ने रडार पर रखा था लेकिन इसमें भी पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी।
दो जनवरी को अधिवक्ता ने लगाई थी सरेंडर की अर्जी
सिपाही नवीन के अधिवक्ता ने दो जनवरी को गाजियाबाद कोर्ट में नवीन के सरेंडर की अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने बकायदा पुलिस से जवाब मांगा था। लोनी पुलिस ने कोर्ट को दिए जवाब में कहा है कि सिपाही नवीन का नाम योगेश हत्याकांड में प्रकाश में आया है।
वह फरार चल रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट परिसर व आसपास नवीन की घेरांबदी शुरू कर दी थी और जाल बिछाया था। लेकिन नवीन के शातिर दिमाग के आगे पुलिस की एक न चली और उसने मंगलवार को अधिवक्ता के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
लाइन हाजिर के बाद कौशांबी से किया गया निलंबित
नवीन उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में तैनात है और उसकी तैनाती पूर्व में मीडिया सेल में थी। आठ अगस्त से लगातार गैरहाजिर होने के कारण उसे कौशांबी एसएसपी राजेश कुमार ने लाइन हाजिर कर दिया था। योगेश हत्याकांड में उसका नाम प्रकाश में आने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने कौशांबी पुलिस को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है।
योगेश के बेटें भी कर सकते हैं सरेंडर
योगेश की हत्या की सुपारी देने वाले आरोपित बेटे नितीश व गुड्डू दिल्ली व गाजियाबाद के अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं। सिपाही के सरेंडर के बाद वह भी आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं। इसको लेकर एक बार फिर पुलिस ने कोर्ट में पहरा बढ़ाया है।
दोनों आरोपित मोबाइल फोन घर पर छोड़ कर गए हैं और मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इस कारण पुलिस को उनकी तलाश करने में परेशानी हो रही है।
नवीन ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसे रिमांड पर लाकर पूछताछ की जाएगी। इसके लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी लगाएगी। पूछताछ के बाद घटनाक्रम से पर्दा उठेगा।
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सिद्धार्थ गौतम, एसीपी, लोनी |
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