स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के लिए नमूने लिए।
मदन पांचाल, गाजियाबाद। इंदौर में दूषित पानी से हुईं मौतों के बाद लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति और जलजनित बीमारियों से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय है। पहले सात जनवरी को पानी की जांच को अभियान चलाया और अब गत वर्षों में दूषित पानी मिलने वाले क्षेत्रों की सूची जारी कर दी है।
इतना ही नहीं दूषित पानी की आपूर्ति करने वाली पांच सोसायटियों को स्वास्थ्य विभाग ने आगाह किया है। इन सोसायटियों में विगत वर्षों में जलजनित बीमारियां रिपोर्ट की गईं हैं। स्वास्थ्य विभाग यूं तो पानी की जांच रिपोर्ट लगातार जारी करता है। केवल ऐसे क्षेत्रों की सूची पहली बार जारी की है जहां लगातार जांच करने पर पानी की गुणवत्ता खराब मिली है और इन क्षेत्रों में पानी पीने से लोग बीमार हुए हैं।
इन इलाकों की सूची निकाय और सोसायटी के जिम्मेदार लोगों को इस आशय के साथ भेजी है कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति का इंतजाम किया जाए।इनमें लोनी से लेकर राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटी के नाम भी शामिल हैं। सूची के अनुसार कई स्थानों पर लोग सीवर का पानी पी रहे हैं।
जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले भर से जांच को लिये गये पानी के 2005 नमूनों में से जांच रिपोर्ट के अनुसार 539 फेल पाये गये। इनमें भी कई सोसायटी शामिल हैं। यानि उक्त पानी दूषित पाया गया। अकेले जनवरी 2026 में अब तक 26 स्थानों का पानी जांच में दूषित मिला हैं।
इन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की निगरानी की है जरूरत
राजीव गार्डन लोनी,संगम गार्डन लोनी,बेगमाबाद मोदीनगर,मोदीनगर ,सिद्धार्थ विहार ,लाल क्वार्टर खैराती नगर,लट्ठमार एरिया खैराती नगर ,नंदग्राम ई ब्लाक ,नंदग्राम एफ ब्लाक, विजयनगर,कृष्णा नगर ,मोदीनगर की फफराना बस्ती , मदनपुरा मोदीनगर , जनकपुरी शालीमार गार्डन,सी-34 शालीमार गार्डन, कोट गांव आर्य नगर,जीवन विहार शास्त्रीनगर, ई ब्लाक शास्त्रीनगर, प्रहलादगढ़ी वसुंधरा,शीतला माता मंदिर प्रहलादगढ़ी वसुंधरा, दौलतपुरा,गुरुद्वारा दौलतपुरा,गौशाला फाटक और प्रहलादगढ़ी
इन पांच सोसायटियों में पेयजल आपूर्ति की विशेष निगरानी शुरू
जांच करने पर एनएच-24 स्थित महागुनपुरम में दो बार दूषित पानी मिला,स्वर्णजयंतीपुरम गोविंदपुरम,सेवीविला डे राजनगर एक्सटेंशन,आम्रपाली क्रासिंग रिपब्लिक, भारत सिटी लोनी
शहर की ऐसी पांच सोसायटियों की सूची जारी की गई है जहां गत वर्षों में जलजनित बीमारी रिपोर्ट की गईं थीं। इन जगहों पर विशेष निगरानी और सतर्कता की जा रही है। रिपोर्ट में असंतोषजनक पाये गये पानी के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए निकायों और सोसायटियों को पत्र लिखा गया है।पिछले साल जांच में फेल मिले 539 नमूनों वाले क्षेत्रों में लगातार पानी की जांच होगी। जांच रिपोर्ट को नगर निगम के अधिकारी गंभीरता से लेकर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के ठोस इंतजाम करने में जुट गये हैं।
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- डॉ. आरके गुप्ता, जिला सर्विलांस अधिकारी |