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विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सुन हैयान। (X- @MEAIndia)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन के साथ द्विपक्षीय मसलों पर वार्ता के लिए बुधवार को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री सुन हैयान से वार्ता की। एक दलीय शासन व्यवस्था वाले चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों का सरकार में सीधा दखल है।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर मुलाकात से संबंधित बातों को साझा करते हुए बताया है कि दोनों पक्षों ने संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए स्थितियों की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर वार्ता की। साथ ही संवेदनशील मसलों से जुड़ी बातों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इन मसलों में सीमा से जुड़ा मसला प्रमुख था।
भारत ने सीमा पर शांति बनाए रखने और स्थिति में एकतरफा बदलाव न होने पर जोर दिया। इससे पहले मंगलवार को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्य दत्तात्रेय होसबाले से दिल्ली स्थित संघ के मुख्यालय में मुलाकात की थी। लगभग आधा घंटे की मुलाकात में कई विषयों पर औपचारिक बातचीत हुई। यह मुलाकात चीनी नेताओं की इच्छा पर हुई।
कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय जाकर वहां संगठन के महासचिव अरुण सिंह, पार्टी के विदेश मामलों के संयोजक विजय चौथाईवाले और अन्य पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। यहां भी द्विपक्षीय संवाद बढ़ाने और संबंधों को मधुर बनाने पर बात हुई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा मुख्यालयों में हुई वार्ता में किसी नीतिगत मसले पर चर्चा नहीं हुई। इनमें दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। इससे पहले अगस्त 2025 में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव चाई की से मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की थी।
इस दौरान द्विपक्षीय राजनीतिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया गया था। बाद में राष्ट्रपति शी चिन¨फग से वार्ता में मोदी ने आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता बढ़ाए जाने पर भी जोर दिया था।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ) |
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