राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर अब प्रदेश के होनहार छात्र राकेट, रिसर्च और रोबोटिक्स की असली दुनिया को करीब से देखेंगे। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत प्रदेश के 75 जिलों से चुने गए 150 मेधावी छात्र-छात्राएं पहली बार हवाई यात्रा के जरिये देश के नामी विज्ञान, अंतरिक्ष और तकनीकी संस्थानों का एक्सपोजर विजिट करेंगे। यहां बच्चे किताबों में पढ़े विज्ञान को अपनी आंखों से देखेंगे, समझेंगे और अनुभव करेंगे।
फरवरी में यह एक्सपोजर विजिट बेंगलुरु, श्रीहरिकोटा, अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे देश के प्रमुख विज्ञान, अंतरिक्ष, तकनीक और शोध केंद्रों में कराया जाएगा। इन छात्रों का चयन जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले माडलों के आधार पर किया जाएगा। हर जिले से दो छात्रों को चुना जाएगा।
समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, व्यावहारिक ज्ञान, समस्या समाधान और आलोचनात्मक सोच को विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित हों। इस पूरे कार्यक्रम पर 39 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रति छात्र 26 हजार रुपये की सीमा तय की गई है, जिसमें यात्रा, ठहरने, भोजन, स्थानीय भ्रमण और अन्य खर्च शामिल हैं।
यह धनराशि संबंधित मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को जारी की गई है। साथ ही बरेली, वाराणसी, गोरखपुर, मुरादाबाद, कानपुर, झांसी, अयोध्या के एडी बेसिक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। भ्रमण के बाद छात्र अपने अनुभवों पर निबंध लिखेंगे, प्रार्थना सभा में साझा करेंगे और पूरी गतिविधि की फोटो, वीडियो और डिजिटल डायरी राज्य परियोजना कार्यालय को भेजी जाएगी। |