इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। बिहार में अंतर-जिला पोस्टिंग का दौर शुरू होते ही कई शिक्षकों के चेहरे मुस्कान से खिल उठे। जिन शिक्षकों ने निर्धारित शर्तें पूरी की, उन्हें इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा तोहफा मिला।
यह कदम न केवल उनकी मेहनत और अनुशासन को मान्यता देता है, साथ उन्हें अपने परिवार और सामाजिक जीवन के हिसाब से बेहतर अवसर भी प्रदान करता है। वहीं, इस प्रक्रिया ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि नियमों का पालन करना सफलता की कुंजी है।
शिक्षक समाज में इस फैसले को उत्साहजनक मान रहा है और इसे अपने पेशेवर जीवन में आने वाला सकारात्मक बदलाव बता रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अंतर-जिला पोस्टिंग से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है साथ पूरे शिक्षा तंत्र में पारदर्शिता और संतुलन भी कायम रहता है। इस तोहफे ने शिक्षकों में खुशी और प्रेरणा दोनों ही बढ़ा दी है।
मधुबनी में शिक्षकों के लिए नया साल खुशहाली लेकर आया
दूसरे जिले में अंतर जिला पदस्थापन के लिए आवेदन देने वाले शिक्षकों के लिए नया साल खुशहाली लेकर आया। मधुबनी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में लंबे समय से प्रतीक्षित अंतर जिला पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें कुल 448 शिक्षकों का पदस्थापन किया गया।
पदस्थापन सूची जारी होते ही चयनित शिक्षकों के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, कक्षा एक से पांच तक के 48 शिक्षक, छह से आठ कक्षा के 143 शिक्षक, नौ से दस कक्षा के 111 शिक्षक तथा 11वीं से 12वीं तक के 146 शिक्षकों का अंतर जिला पदस्थापन किया गया है।
बताया जा रहा है कि ये सभी शिक्षक लंबे समय से मधुबनी जिला में पदस्थापन की मांग कर रहे थे और इसके लिए उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में आवेदन दिया था। हालांकि, सभी शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिल सका।
जिन शिक्षकों का नाम पदस्थापन सूची में शामिल नहीं हुआ, वे काफी आक्रोशित दिखे। वंचित शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने भी सभी शर्तें पूरी की थीं, इसके बावजूद उनका पदस्थापन नहीं किया गया। |