LHC0088 • Yesterday 15:56 • views 231
संवाद सूत्र, बुद्धनगरी। थाईलैंड की क्वीन चखुन सिनीनात वांगवजीरापकडी 70 सदस्यीय ग्रुप के साथ दो दिवसीय धार्मिक यात्रा पर 28 जनवरी को कुशीनगर आएंगी। पहली बार कुशीनगर आ रहीं कवीन दोन दिन थाई मोनास्ट्री में ही ठहरेंगी। क्वीन पहले दिन 28 जनवरी को थाई बुद्धिस्ट मोनास्ट्री परिसर स्थित उपोसथ हाल, थाई चैत्य व नौवें राम महाराजा भूमिबोल अदुल्यदेज की प्रतिमा के समक्ष पूजा करेंगी।
दूसरे दिन 29 जनवरी को पहले वह महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर जाएंगी। वहां बुद्ध की लेटी प्रतिमा पर चीवर चढ़ाकर विश्व शांति व भारत-थाईलैंड के मध्य मैत्री पूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए विशेष पूजा करेंगी। उसके बाद वह रामाभार स्तूप का पूजन वंदन कर दोपहर का भोजन करने के बाद लुंबिनी (नेपाल) चली जाएंगी। यह जानकारी थाई मोनास्ट्री के मांक इन चीफ फ्रा सोमपोंग ने पत्रकारों को दी। बताया कि क्वीन 21 जनवरी को बैंकाक से स्पेशल चार्टर प्लेन से गया आएंगी।
23 को करेंगी बोधगया का भ्रमण
22 जनवरी को राजगिरि व नालंदा का भ्रमण कर 23 को बोधगया पहुंचेंगी। क्वीन 25 जनवरी को बोधगया में धम्मानापावांग नामक धार्मिक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। इसमें भारत सहित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध भिक्षु शामिल होंगे। 26 जनवरी को वह जन्मदिन समारोह आयोजित करेंगी।
क्वीन 27 जनवरी को कार द्वारा सारनाथ पहुंच कर धम्मेक स्तूप की विशेष पूजा करेंगी। वह 28 जनवरी को कार द्वारा कुशीनगर आएंगी। 28 व 29 जनवरी को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगी। 29 जनवरी को दोपहर का भोजन करने के बाद कार द्वारा लुंबिनी जाएंगी। वहां पहले से मौजूद अपने चार्टर स्पेशल प्लेन से बैंकाक के लिए रवाना हो जाएंगी। |
|