अलीगढ़ में दिल का दौरा: अनियमित जीवनशैली और फास्ट फूड बन रहे मुख्य कारण
जितेंद्र पांडेय, जागरण अलीगढ़। एक सप्ताह पहले जमालपुर के सरताज अहमद को घर में सीने में तेज दर्द हुआ। स्वजन परेशान हो गए। तत्काल 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस में बैठते ही उनकी हालत बेसुध हो गई। तभी एंबुलेंस में तैनात ईएमटी राजेंद्र तिवारी ने एंबुलेंस के अंदर ही उन्हें सीपीआर दिया।
इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां उनके ह्दयघात की समस्या बताई गई। यह सिर्फ एक केस अलीगढ़ में नहीं हैं, सरकारी व निजी अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो एक साल में 5000 से अधिक लोग हार्ट अटैक का शिकार हुए हैं। इसमें 2343 मरीज तो अस्पताल की चौखट तक खुद के पैरों पर चलकर नहीं आ सके। उन्हेें 108 नि:श्शुल्क सरकारी एंबुलेंस से अस्पताल लाना पड़ा।
अनियमित दिनचर्या व फास्ट फूड का सेवन बन रहा अटैक का बड़ा कारण
ताला व तालीम की नगरीं में धूम्रपान, तंबाकू सेवन, फास्ट फूड और शराब का अधिक सेवन दिल को कमजोर कर रहा है। हालात यह हैं कि जिले में रोजाना 13 से 14 मरीज दिल का दौरा पड़ने पर अस्पतालों की इमरजेंसी तक पहुंच रहे हैं। पहले हार्ट अटैक का खतरा 55 से 60 वर्ष की उम्र के बाद माना जाता था। लेकिन अब 30 से 40 वर्ष की उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले हार्ट मरीजों में बड़ी संख्या युवाओं की है। कई मामलों में मरीजों को पहले से कोई गंभीर बीमारी भी नहीं होती। फिर भी अचानक हार्ट अटैक आ रहा है।
ह्रदयघात का शिकार लोगों में 35 से 45 आयु वर्ग के लोग भी शामिल
चिकित्सकों का कहना है कि बदलती जीवनशैली इसकी सबसे बड़ी वजह बन रही है। इसमें मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक के मामलों को अहम भूमिका निभा रहे हैं। अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीजों में कोलेस्ट्राल का स्तर सामान्य से काफी अधिक पाया जा रहा है।
चिकित्सकों का मानना है कि मानसिक तनाव भी हार्ट अटैक का बड़ा कारण है। अनियमित दिनचर्या और नींद की कमी दिल की सेहत पर सीधा असर डाल रही है। युवाओं में देर रात तक जागना, मोबाइल और स्क्रीन पर अधिक समय बिताना भी जोखिम बढ़ा रहा है।
2343 दिल के मामले 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचे
दिल का दर्द इस कदर लोगों को एक साल में हुआ लोग अस्पताल की चौखट तक स्वयं नहीं पहुंच सके। जिले में 2343 लोग 108 एंबुलेंस को फोन कर एंबुलेंस से लाए गए। इसमें जनवरी माह में 235, फरवरी में 221, मार्च में 224, अप्रैल में 187, मई में 187, जून में 145, जुलाई में 134, अगस्त में 156, सितंबर में 206, अक्टूबर में 243, नवंबर में 208, दिसंबर में 167 मरीजों को एकाएक सीने में असहनीय दर्द हुआ। जिसके बाद वह सीधे सरकारी अस्पताल लाए गए। जबकि सैकड़ों मरीजों ने दिल का दर्द होने के कारण घरों में ही दम तोड़ दिया।
हार्ट अटैक के लक्षण
- छाती में दर्द या दबाव महसूस होना।
- छाती से होकर बाएं हाथ में दर्द का जाना।
- सांस लेने में परेशानी।
- ज्यादा पसीना आना।
- चक्कर आना।
- जी मिचलाना।
- सीने में भारीपन महसूस होना।
इन बातों का रखें ख्याल
- सुबह की सैर बंद कर दें।
- धूप निकलने पर 45 मिनट टहलें।
- जिम जाने की बजाय घर में व्यायाम करें।
- भोजन में अंडा या मछली शामिल करें।
- रात के खाने में चिकनाई बहुत कम लें।
- शुगर व बीपी वाले मरीज दवाएं दोबारा चेक कराएं।
फैटी लिवर बड़ा कारण बन रहा
हार्ट के मामले में फैटी लिवर बड़ा कारण बन रहा है। चिकित्सकों का मानना है कि लगातार तीन-चार दिन बाहर खाने की आदत ठीक नहीं है। होटल व ढाबे में ज्यादातर मिलावटी तेल होता है। जिसकी गंदगी नसों मे जम जाती है। वहीं रात आठ से नौ बजे तक खाना खा लेना लिवर के लिए फायदेमंद होता है। इसके बाद खाने से वसा लिवर में जम जाती है। फैटीलिवर से इंसुलिन रेजिस्टेंस हो जाता है। शरीर के अंदर मेटाबोलिक परिवर्तन होते हैं। जिससे हार्ट अटैक की धमनियों में वसा जमने और थक्के बनने शुरू हो जाते हैं, जो कि हार्ट अटैक की आशंका बढ़ाते हैं।
तापमान कम होने से हृदय संबंधी बीमारियों वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं। सिर्फ ठंड से बचकर, व्यायाम और संतुलित खानपान से हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है। पीने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल भी दवा से कम नहीं है। -
डॉक्टर एसके सिंघल, ह्दय रोग विशेषज्ञ |
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