शासन से मिली मंजूरी, शेष पांच वार्डों को इसी सप्ताह कैबिनेट से हरी झंडी की जगी उम्मीद। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी की जर्जर सीवर व्यवस्था को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शासन ने 527 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 13 पुराने वार्डों में करीब 200 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है।
इससे वर्षों से सीवर ओवरफ्लो और जलनिकासी की समस्या से जूझ रहे पुराने मोहल्लों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि प्रथम चरण में 18 पुराने वार्डों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिनमें से 13 वार्डों को स्वीकृति मिल चुकी है। शेष पांच वार्डों के प्रस्ताव को इसी सप्ताह कैबिनेट से मंजूरी मिलने की प्रबल संभावना है। स्वीकृति मिलते ही इन क्षेत्रों में भी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस परियोजना से हुकूलगंज, नई बस्ती, प्रहलाद घाट, कृतिवाशेश्वर, शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर, काजीपुरा, शिवाला, नगवां, बागाहाड़ा, जंगमबाड़ी और बंगाली टोला सहित लगभग 100 मोहल्लों के चार लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित होंगे। विशेष बात यह है कि कार्य ट्रेंचलेस तकनीक से कराया जाएगा, जिससे गलियों की खुदाई न्यूनतम होगी और सामान्य जनजीवन कम प्रभावित होगा। गली के मोड़ों पर गड्ढा कर पूरी गली में नई पाइप लाइन डाली जाएगी।
वर्तमान में वाराणसी की जलनिकासी व्यवस्था लगभग 200 वर्ष पुराने ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम, यानी शाही नालों और ब्रिटिश कालीन ईंटों से बने नालों पर निर्भर है। इन्हीं पुरानी सीवर लाइनों के कारण खासकर गंगा घाटों से सटे इलाकों में बार-बार जाम और ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न होती है। इसे देखते हुए नगर निगम ने जल निगम के माध्यम से विस्तृत सर्वे कराकर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी थी, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।
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महापौर अशोक कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि 18 पुराने वार्डों में सीवर के साथ-साथ पेयजल पाइप लाइन बदलने का भी प्रस्ताव है, ताकि भविष्य में बार-बार खुदाई से शहरवासियों को परेशानी न उठानी पड़े। यह परियोजना काशी की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है। |