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जागरण संवाददाता, आगरा। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ की रेजिडेंट महिला डॉक्टर के यौन शोषण और मतांतरण के आरोपित डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज की कुंडली खंगालने मंगलवार दोपहर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम एसएन मेडिकल कालेज पहुंची।
दो सदस्यीय टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जूनियर और सीनियर रेजिडेंट का 13 साल का रिकॉर्ड मांगा है। इस रिकॉर्ड के मिलने के बाद एसटीएफ रमीज की कुंडली तैयार करने के साथ ही उसके करीबियों के बारे में जानकारी करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले जांच एसटीएफ को दी गई है।
2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज में लिया था प्रवेश
केजीएमयू के पैथालाजी में एमडी कर रहे डॉ. रमीज ने वर्ष 2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। शुरूआत में वह वह मोती कटरा में किराए के कमरे में रहा था। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट ने डॉ. रमीज का खेल उजागर किया था। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई। मंगलवार दोपहर एक बजे एसटीएफ मुख्यालय के निर्देश पर स्थानीय दो सदस्यीय टीम एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची।
प्राचार्य से मुलाकात कर मांगा रिकॉर्ड
प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता से मुलाकात कर वर्ष 2012 के सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के साथ ही वर्ष 2012 से अब तक के जूनियर और सीनियर रेजिडेंट का पूरा डेटा मांगा। डॉ. रमीज ने वर्ष 2012 से 2018 के बीच एमबीबीएस की थी। वह वर्ष 2013 से 2018 तक अधिकारिक रूप से हॉस्टल में रहा था। एमबीबीएस करने के बाद भी वह हॉस्टल में कहां रहा, जिस समय डॉ. रमीज ने एसएन मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था, उस समय दिल्ली बम धमाके के मामले में पकड़े गए डॉ. परवेज ने यहां एमडी में प्रवेश लिया था।
केजीएमयू में लव जिहाद और मतांतरण की मामले की जांच मिलने के बाद सक्रिय हुई टीमें
सीनियर रेजिडेंट परवेज व जूनियर रेजिडेंट ने मिलकर इस्लामिक मेडिकोज वाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसमें डॉ. रमीज भी जुड़ा था। एसटीएफ इस ग्रुप से जुड़े रेजिडेंट का डाटा एसएन मेडिकल कालेज के डाटा से शार्ट लिस्ट करेगी। इसके साथ ही यह भी जानकारी करेगी कि डॉ. रमीज और डॉ. परवेज के और कितने करीबी रेजिडेंट थे। वे अब कहां तैनात हैं? इसकी भी जानकारी की जाएगी।
छांगुर का साम्राज्य नष्ट करने वाले डीएसपी को दी जांच
बलरामपुर के छांगुर का साम्राज्य नष्ट करने वाले एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश शुक्ला को केजीएमयू में लव जिहार और मतांतरण की जांच दी गई है। उनके नेतृत्व में अब एसटीएफ की टीम डॉ. रमीज का नेटवर्क पता कर रही है। उसके करीबियों का पूरी कुंडली तैयार करने के बाद एसटीएफ उन पर भी शिकंजा कस सकती है। |
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