सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देशभर में गिर रहे भूजल स्तर के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भूजल स्तर बढ़ने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। लुटियंस दिल्ली के 14 स्थानों पर अध्ययन में भूजल स्तर बढ़ने की बात सामने आई है।
केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद लुटियंस दिल्ली में लंबे समय से बंद पर बोरवेल को शुरू किया जाएगा। ताकि तय मात्रा से ज्यादा भूजल न बढे। एनडीएमसी के अनुसार रिपोर्ट में कई स्थानों पर भूजल स्तर तीन से चार फीट नीचे तक मिला है जबकि दिल्ली के दूसरे इलाकों में यह 40-50 फीट है।
दरअसल, एनडीएमसी ने केंद्रीय भूमिजल बोर्ड को पत्र लिखकर एनडीएमसी इलाके में जलभराव की समस्याओं के निदान के लिए सुझावों के साथ नई दिल्ली में बढ़ते भूजल स्तर को लेकर सुझाव मांगे थे। भूजल स्तर बढ़ने के कारण सीपेज की समस्या तो बढ़ ही रही है।
वही, अत्याधिक भूजल स्तर होने की वजह से बहुमंजिला इमारतों को भी खतरा है। ऐसे में बोर्ड ने एनडीएमसी को बंद पड़े 124 बोरवेल में से 57 बोरवेल को संचालन की हरी झंडी दे दी है। इसके बाद अब नई दिल्ली जिला प्रशासन ने 20 बोरवेल शुरू करने की अनुमति भी प्रदान कर दी है।
केंद्रीय भूमिजल बोर्ड ने 45 दिनों तक किया था सर्वे
एनडीएमसी के अनुसार 14 स्थानों पर केंद्रीय भूमिजल बोर्ड ने 45 दिनों तक सर्वे किया था। जहां पर कई स्थानों पर भूजल स्तर तय मानक से ज्यादा पाया गया। पूर्व में ऐसे ही एक अध्ययन में पुराना किला के पास एनडीएमसी इलाके में भूजल स्तर चार फीट नीचे तक आया था। जिसके बाद एनडीएमसी ने वहां पर बोरवेल लगाकर पार्कों की सिंचाई शुरू कर दी थी।
एनडीएमसी के अनसार केंद्रीय भूमिजल बोर्ड ने जिन 14 स्थानों का सर्वे किया है उसमें अग्रसेन की बावली के दो हिस्से, बिरला मंदिर, हुंमायू मकबरा, लोधी गार्ड के तीन हिस्से, महावीर वनस्थली, नेहरू पार्क, सफदरजंग मकबरा, शांतिपथ, श्रमशक्तिभवन के दो हिस्से और सुंदर नर्सरी शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार बुद्धा जयंती पार्क में 5 एमबीजीएल (मीटर जमीन के नीचे), प्रगति मैदान में 91 एमबीजीएल, लोधी गार्डन में 74 एमबीजीएल और राष्ट्रपति भवन में 16 एमबीजीएल तक है। मानक कहते हैं कि 10 एमबीजीएल से अधिक भूजल होने पर बोरवेल का उपयोग कर पानी को निकाला जा सकता है।
रिपोर्ट हमारे लिए सकारात्मक है। हमारे बोरवेल शुरू होने से हमें पार्कों की सिंचाई के लिए पानी का इंतजाम करने में सहूलियत मिलेगी। -
कुलजीत चहल, एनडीएमसी उपाध्यक्ष |