search

एसकेएस इस्पात एवं पावर लिमिटेड के निदेशक को तीन वर्ष की कैद, कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में कोर्ट ने सुनाया फैसला

Chikheang 2026-1-14 03:25:47 views 845
  



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े एक मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने एसकेएस इस्पात एवं पावर लिमिटेड, उसके निदेशक दीपक गुप्ता समेत अन्य को दोषी ठहराया है। यह कोल ब्लाक घोटाले के मामलों में 20वीं सजा है। अदालत ने दोषी दीपक गुप्ता को तीन वर्ष की सश्रम कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

अदालत ने कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता सत्य नारायण द्विवेदी को दो वर्ष की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माना, जबकि अमृत सिंह को एक वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। वहीं, एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला मध्य प्रदेश के रावनवारा नार्थ कोल ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा है। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि कंपनी के निदेशक और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं ने आवेदन और फीडबैक फार्म में कंपनी की वित्तीय स्थिति, उत्पादन क्षमता, उपलब्ध भूमि और पर्यावरणीय स्वीकृतियों को लेकर गलत और भ्रामक जानकारियां दी थीं, ताकि कोल ब्लाक हासिल किया जा सके।

सीबीआई ने इस मामले में चार अगस्त 2014 को केस दर्ज किया था और जांच के बाद 31 अगस्त 2016 को एसकेएस इस्पात लिमिटेड (अब एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड), उसके निदेशक दीपक गुप्ता, सत्य नारायण द्विवेदी और अमृत सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सभी आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
168578